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देवी-देवताओं और भारत माता के अपमान के मामले में आरोपी बरी, 7 साल पुराने सोशल मीडिया पोस्ट मामले में कोर्ट का फैसला, आरोपी दोषमुक्त

शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा 

हरदा। वर्ष 2019 में हिंदू देवी-देवताओं और भारत माता के कथित अपमान को लेकर दर्ज हुए चर्चित प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने आरोपी एडवोकेट शेख मुईन को संदेह से परे आरोप सिद्ध नहीं होने पर दोषमुक्त कर दिया। प्रकरण के अनुसार शिकायतकर्ता राजेश पाराशर ने 17 दिसंबर 2019 को सिटी थाना हरदा में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि 17 सितंबर से 13 दिसंबर 2019 के बीच एडवोकेट शेख मुईन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक एवं अभद्र टिप्पणियां कीं और भारत माता का अपमान किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं तथा शहर में अशांति का माहौल बना। पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। बचाव पक्ष का तर्क था कि पुलिस यह साबित नहीं कर सकी कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट आरोपी का ही था। न्यायालय में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया कंपनी ने अपने जवाब में बताया कि संबंधित अकाउंट डिलीट हो चुका है और सर्वर पर उससे संबंधित कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। वहीं जब्त मोबाइल की जांच से भी आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। निर्णय में न्यायालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के माध्यम से आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। न्यायालय ने गवाहों के बयानों और विवेचना में मौजूद कमियों को देखते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से यह भी दलील दी गई कि मामला उनकी निजी और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से दर्ज कराया गया था। अंततः मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हरदा ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी एडवोकेट शेख मुईन को बरी करने का फैसला सुनाया।

Swatantra Harda

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