कृषि

मक्का के बेहतर दाम और सुविधाओं के चलते टिमरनी मंडी बनी किसानों की पहली पसंद

जिले और आसपास के जिलों से किसान ला रहे अपनी फसलें, मंडी प्रबंधन ने रिकॉर्ड आवक के बावजूद बनाई बेहतरीन व्यवस्था

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा

टिमरनी। टिमरनी कृषि उपज मंडी इन दिनों किसानों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हरदा जिले सहित आसपास के बैतूल और नर्मदापुरम जिलों के किसान मक्का, गेहूं और चना जैसी फसलों की विक्रय के लिए टिमरनी मंडी का रुख कर रहे हैं। वजह साफ है। यहां किसानों को जिले की अन्य मंडियों की तुलना में मक्का के अच्छे दाम और बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं।

मंडी सचिव राजेन्द्र धनोरिया ने बताया कि टिमरनी मंडी में इन दिनों दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान जैसे बड़े बाजारों के व्यापारियों द्वारा मक्का की खरीदी की जा रही है। इससे किसानों को न केवल बेहतर दाम मिल रहे हैं, बल्कि उन्हें अपनी उपज का शत-प्रतिशत भुगतान भी मंडी प्रांगण में ही तत्काल मिल रहा है।किसानों ने बताया कि टिमरनी मंडी में अन्य मंडियों की तुलना में भुगतान की प्रक्रिया बेहद सरल और सुविधाजनक है। “हरदा और खिरकिया मंडी में कभी-कभी भुगतान के लिए मंडी के बाहर स्थित प्रतिष्ठानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जबकि टिमरनी में मंडी परिसर में ही पूरा भुगतान मिल जाता है। उन्होंने कहा इन दिनों टिमरनी मंडी में प्रतिदिन 20 से 25 हजार क्विंटल उपज की आवक हो रही है। इसके बावजूद मंडी प्रबंधन द्वारा सुनियोजित व्यवस्था के चलते जाम जैसी स्थिति निर्मित नहीं हो रही है। पूर्व में 15 हजार क्विंटल आवक पर ही स्थानाभाव के कारण अव्यवस्था हो जाती थी, मगर अब मंडी का पूरा अमला और सुरक्षा गार्ड व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। किसानों की सुविधाओं के लिए मंडी प्रांगण में लगभग 10 स्थानों पर शुद्ध और शीतल पेयजल की मुफ्त व्यवस्था की गई है। दूर-दराज से आने वाले किसानों के लिए मात्र 5 रुपये में कैन्टीन में सस्ता और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। मंडी सचिव ने बताया कि टिमरनी “क” श्रेणी की मंडी है, जिसके लिए 60 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है, किंतु किसानों के सहयोग से मात्र 17 एकड़ में ही विपणन व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।

Swatantra Harda

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