शिक्षासम्मान

एक दिल छू लेने वाली कहानी शिष्य बना अफसर, गुरू बने प्रेरणा – स्कूल में हुई भावुक भेंट

कभी पढ़ाया था, आज अधिकारी बन सामने खड़ा मिला  यही तो है शिक्षा का असली प्रतिफल।

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा

हरदा। गुरू-शिष्य के पवित्र रिश्ते को जीवंत कर देने वाला एक भावुक पल गुरूवार को हरदा जिले के एक वनग्राम में देखने को मिला, जब वर्षों बाद एक शिष्य अधिकारी बनकर अपने गुरू के समक्ष पहुँचा – और दोनों की आँखें भर आईं। यह मार्मिक क्षण तब सामने आया जब कलेक्टर सिद्धार्थ जैन जिले के वनग्रामों के भ्रमण पर थे। ग्राम टेमरूबहार के शासकीय विद्यालय में जब जिला परियोजना समन्वयक (DPC) बलवंत सिंह पटेल स्कूल निरीक्षण के लिए पहुँचे, तो वहां पदस्थ शिक्षक दीपक कुमार ठाकुर की नजर उन पर पड़ी। दीपक ठाकुर ने तुरन्त अपने पुराने छात्र को पहचान लिया, लेकिन पटेल उन्हें पहचान नहीं सके।शिक्षक ठाकुर ने मुस्कुराते हुए उन्हें याद दिलाया कि मालनवाड़ा (जिला नर्मदापुरम) की माध्यमिक कक्षा में उन्होंने ही उन्हें पढ़ाया था। यह सुनकर बलवंत सिंह पटेल हतप्रभ रह गए और फिर भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा। शिक्षक और शिष्य दोनों ही इस अप्रत्याशित पुनर्मिलन से अभिभूत हो गए। दोनों ने यह भावुक अनुभव कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के साथ साझा किया। कलेक्टर जैन ने इस गुरू-शिष्य की जोड़ी को देखकर प्रसन्नता जताई और शिक्षक दीपक कुमार ठाकुर के समर्पित शिक्षण कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की।

Swatantra Harda

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