हिम्मत है तो सबसे पहले अपनी पार्टी से महिला प्रधानमंत्री बनाकर दिखाएं: राजकुमार केलू उपाध्याय
शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा मो.+ 8435133145

नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी महासचिव राजकुमार केलू उपाध्याय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन की आड़ में भाजपा के कुटिल खेल पर हमला बोला है। उन्होंने कहा विधानसभा लोकसभा में महिला आरक्षण हकीकत में ‘शून्य’, रखा गया और प्रोपेगेंडा में ‘नंबर वन’ किया गया। आखिर कब तक इवेंट और वोट चोरी की राजनीति करेगी बीजेपी? जब 33% महिला आरक्षण बिल 2023 में पारित हो चुका है, राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हो चुके हैं, तो फिर उसे लागू करने में देरी क्यों? कई विधानसभा चुनाव निकल गए, अभी भी चुनाव चल रहे हैं, और आने वाली 543 सीटों वाली लोकसभा में भी इसे लागू नहीं किया जाएगा। साफ है कि बीजेपी के लिए महिला आरक्षण भी सिर्फ एक ‘प्रोपेगेंडा’ और ‘इवेंट’ है।
इन्हें महिला, पुरुष, किसान या नौजवान, किसी से कोई मतलब नहीं है; इनका एकमात्र मकसद हर बात पर वोट चोरी करना है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजकुमार केलू उपाध्याय ने कहा कि अब परिसीमन के नाम पर नया षड्यंत्र किया जा रहा है ताकि जनता को गुमराह कर वोट चोरी की जा सके। अगर आप महिलाओं के 1% भी हितैषी हैं, तो जनगणना और परिसीमन का बहाना छोड़िए।विधानसभाओं में महिलाओं के लिए भागीदारी 2029 से क्युँ? सत्ता पक्ष के लोग किस बात का ढिंढोरा पीट रहे हैं. आज जो बिल गिरा है, वह महिला बिल नहीं है. असल महिला आरक्षण बिल जो 2023 में पास हो चुका है वह आज भी वैसे ही खड़ा है. आज सिर्फ संशोधन गिरा है जो परिसीमन को लेकर था. जिसमें सरकार अपने हिसाब से देश के इलेक्टॉरल मैप को बदलना चाहती थी. सिर्फ वही खारिज हुआ है।



