
शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक सोमवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित हुई। कलेक्टर आदित्य सिंह ने नहरों की साफ-सफाई और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने टूटे गेट्स को बदलने और किसानों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। किसानों की मांग पर 25 अक्टूबर से नहरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। विधायक डॉ. आर.के. दोगने ने दूरस्थ क्षेत्रों में ‘‘टेल टू हेड’’ प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया। पूर्व मंत्री कमल पटेल ने शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

कार्यपालन यंत्री डी.के. सिंह ने बताया कि नहरों की सफाई और मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। रबी सीजन के लिए गेज पेंटिंग भी कराई जा रही है, जिससे किसानों को जल स्तर की सटीक जानकारी मिल सके।हरदा जिले के 1,96,600 हेक्टेयर कृषि योग्य रकबे में से 1,04,843 हेक्टेयर (53%) में नहरों से सिंचाई होती है। हरदा संभाग में 52,302 और टिमरनी संभाग में 52,541 हेक्टेयर क्षेत्र नहरों से सिंचित है। अन्य स्रोतों (नदी, कुएं, नलकूप, तालाब) से 66,035 हेक्टेयर (34%) में सिंचाई होती है, जिससे कुल 87% कृषि क्षेत्र सिंचित है। तवा जलाशय में 13 अक्टूबर को जलस्तर 355.42 मीटर दर्ज किया गया। इस वर्ष नर्मदापुरम् जिले में पर्याप्त वर्षा के कारण रबी सीजन के लिए पानी उपलब्ध रहेगा।



