
शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा
खुशियों_की_दास्तां
हरदा की गायत्री और राजकुमार, 6 साल से एक-दूसरे से जुदा थे। नाराजगी इतनी बढ़ी कि बात भरण-पोषण के मुकदमे (MJC/135/2026) तक पहुंच गई। 12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत में जब दोनों आमने-सामने आए, तो न्यायालय ने सिर्फ कानून की बात नहीं, रिश्ते की अहमियत समझाई। समझाइश, सुलह-वार्ता और अपनों की याद ने जादू किया। आंसुओं के साथ गिले-शिकवे मिटे और दोनों ने फिर से एक साथ जिंदगी बिताने का फैसला लिया।
प्रधान जिला न्यायाधीश अरविंद रघुवंशी ने इस नई शुरुआत पर दोनों को फलदार पौधा भेंट किया – जैसे उनके रिश्ते की तरह यह पौधा भी फिर से फले-फूले। लोक अदालत ने एक केस नहीं, एक परिवार को फिर से जोड़ा।



