अवैध

अवैध कालोनी काटने वाले मां बेटे पर प्रशासन ने अब तक नहीं करवाई एफआईआर दर्ज

जांच के नाम का सहारा लेकर एसडीएम पटवारी कर रहे कॉलोनाइजर का बचाव

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर 

स्वतंत्र हरदा। टिमरनी। मध्य प्रदेश शासन के मुखिया मोहन यादव द्वारा लगातार अवैध कॉलोनी को लेकर कड़ी कार्रवाई करने व कॉलोनी नाइजर पर सीधे एफआईआर दर्ज किए जाने का दावा कर रहे हैं तो वही जिले के कलेक्टर भी आए दिन अवैध कॉलोनी नाइजर पर कड़ी कार्रवाई को लेकर सख्त नजर आ रहे हैं लेकिन इन्हीं के अधीनस्थ कर्मचारी एसडीएम आरआई पटवारी द्वारा अवैध कॉलोनी नाइजर से सांठगांठ करते हुए मामूली सी जांच करने का सहारा लेकर मामले को रखा दफा करते नजर आ रहे हैं। कॉलोनी के मामले को लेकर पिछले लगभग एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाबजूद जिम्मेदार प्रशासन के अधिकारियों द्वारा अभी तक ना तो जांच पूरी की गई और ना ही अवैध कॉलोनी काटने वाले कालोनाइजर अमन यादव व शारदाबाई यादव दोनों पर एफआईआर दर्ज प्रशासन द्वारा नहीं कराई गई। जिससे शिकायतकर्ताओं के मन में प्रशासन के प्रति काफी रोष व्याप्त नजर आ रहा है।

मुख्यमंत्री व कमिश्नर से करेंगे शिकायत

नगर के रहटगांव रोड पर टिमरन नदी के किनारे अमन यादव एवं शरदाबाई यादव द्वारा ग्राहकों को गुमराह करते हुए अवैध रूप से कृषि भूमि को नियम विरुद्ध तरीके से बिना डायवर्शन बिना टीएनसी अप्रूव बिना पंजीयन के ही मनमर्जी से डिसमिल में बिकने वाली कृषि भूमि को स्क्वायर फीट बेचने वाले और कॉलोनी में किसी प्रकार की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करने को लेकर स्थानीय निवासियों ने एसडीम कलेक्टर से शिकायत की थी किंतु कई समय भी जाने के बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक शिकायतकर्ताओं की शिकायत पर कोई निराकरण नहीं किए जाने और कॉलोनाइजर पर कड़ी कार्रवाई नहीं की जाने को लेकर अब शिकायतकर्ता कमिश्नर और मुख्यमंत्री से शिकायत कर कड़ी करवाई की मांग करेंगे और कमिश्नर से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की जाएगी।

नगर परिषद को लग रहा 20 लाख से अधिक का चूना

नगरीय सीमा में आने वाली कृषि भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी काटने वाले कॉलोनी नाइजर से अगर नगर परिषद कार्रवाई करते हुए विकास शुल्क टैक्स आदि की वसूली करती तो लगभग 20 लाख रुपए से अधिक की राजस्व आय नगर परिषद की बढ़ती किंतु नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण विकास शुल्क और टैक्स के नाम पर मिलने वाली लगभग 20 लाख रुपए की राशि का आर्थिक नुकसान हो रहा है तो वही कॉलोनाइजर टैक्स एवं विकास शुल्क की चोरी करते हुए मनमाने दामों पर प्लाट बेच रहे हैं और लगभग 35 से 40 प्लाट की रजिस्ट्री भी कर चुके हैं किंतु स्थानीय प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से कॉलोनी नजर के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

Swatantra Harda

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