मध्य प्रदेश में नई MRP और MSP लागू: ठेकेदारों को ब्लैकमेलिंग और शिकायतों से बचाने के लिए दिशा-निर्देश जारी
विदेशी मदिरा उत्पादों की बिक्री पर नया आदेश: MSP और MRP लेबल अनिवार्य

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
मध्य प्रदेश शासन ने ठेका वर्ष 2024-25 के लिए नई न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य (MSP) और अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य (MRP) लागू कर दिए हैं। आबकारी आयुक्त ने निर्देश दिया है कि पुराने MSP और MRP पर मदिरा का प्रदाय 31 मई 2024 तक किया जा सकता है। इसके साथ ही, कंपोजिट मदिरा दुकान लाइसेंसियों को नई दरों पर मदिरा बिक्री की अनुमति दी गई है। इस कदम का उद्देश्य ठेकेदारों को ब्लैकमेलिंग और अनावश्यक शिकायतों से बचाना है।
स्वतंत्र हरदा। मध्यप्रदेश में विदेशी मदिरा उत्पादों की बिक्री को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह आदेश सभी आबकारी उपायुक्तों, संभागीय उड़नदस्ताओं, सहायक आबकारी आयुक्तों और विदेशी मदिरा भाण्डागारों के अधिकारियों को संबोधित है। आदेश के अनुसार, वर्ष 2023-24 में विनिर्मित और आयातित विदेशी मदिरा (स्पिरिट, वाइन और बीयर) के उत्पादों, जिनके लेबलों पर वर्ष 2024-25 के लिए अनुमोदित न्यूनतम फुटकर विक्रय मूल्य (MSP) और अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य (MRP) मुद्रित नहीं है, उन्हें विशेष समयावधि के भीतर विक्रय की अनुमति दी गई है।
मुख्य बिंदु:
1. 2023-24 में विनिर्मित और आयातित विदेशी मदिरा उत्पादों को 30 अप्रैल 2024 तक विभागीय नियंत्रण के तहत संग्रहण की अनुमति दी गई है।
2. इन उत्पादों को 31 मई 2024 तक विदेशी मदिरा भाण्डागारों से फुटकर बिक्री की दुकानों को प्रदाय की अनुमति दी गई है।
3. फुटकर बिक्री की दुकानों पर 30 जून 2024 तक इन उत्पादों की बिक्री अनुमोदित MSP और MRP के बीच की दर पर की जा सकेगी।
4. अप्रैल 2024 में आयातित विदेशी मदिरा की प्रत्येक बोतल पर अनुमोदित MSP और MRP लेबल चस्पा करना अनिवार्य होगा।
5. 30 अप्रैल 2024 के बाद केवल उन मदिरा उत्पादों का संग्रहण किया जाएगा जिनके लेबल पर अनुमोदित MSP और MRP मुद्रित होंगे या स्टिकर के रूप में चस्पा किए जाएंगे।
6. 31 मई 2024 के बाद, केवल उन उत्पादों को प्रदाय करने की अनुमति होगी जिनके लेबल पर अनुमोदित मूल्य के स्टिकर चस्पा होंगे।
7. 30 जून 2024 के बाद, बिना अनुमोदित मूल्य के लेबल वाले उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित कर दी जाएगी।
यह आदेश सुनिश्चित करता है कि विदेशी मदिरा उत्पादों की बिक्री में पारदर्शिता बनी रहे और उपभोक्ताओं को सही मूल्य पर उत्पाद उपलब्ध हो। सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है।


