शिकायत

जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा: करणी सेना ने सौंपा ज्ञापन

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  • शाहरुख बाबा चीफ एडिटर 

स्वतंत्र हरदा। जिला अस्पताल में सरकारी डॉक्टरों द्वारा गरीब परिवारों और गर्भवती महिलाओं से डिलीवरी के दौरान पैसे वसूलने का मामला सामने आया है।डिलीवरी के लिए भर्ती किया गया था लेकिन जिला अस्पताल के मीनाक्षी पटेल डॉक्टर के द्वारा महिला को फंगस इंफेक्शन बताकर रेफर कर दिया गया जब इस मामले को लेकर सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रकट करते हुए कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा है और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्रमुख तथ्य:

1. सामाजिक संगठनों का मोर्चा: विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

2. करणी सेना का बयान: करणी सेना के जिला अध्यक्ष सुनील राजपूत ने बताया कि हाल ही में एक गरीब परिवार की गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉक्टर मीनाक्षी पटेल ने महिला को फंगस इंफेक्शन बताकर रेफर कर दिया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी में मामला लाने पर दूसरे डॉक्टर ने महिला का इलाज किया।

3. पैसे की वसूली: आरोप है कि डॉक्टर मीनाक्षी पटेल ने गरीब परिवार से पैसे की मांग की। यह मामला सामने आने के बाद सामाजिक संगठनों ने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।

4. दलालों की भूमिका: अस्पताल में मौजूद कुछ दलाल गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में ले जाकर उपचार कराने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराते हैं और इसके बदले कमीशन लेते हैं।

5.पहले की शिकायतें: पूर्व में भी इस तरह की कई शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।करणी सेना और अन्य सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेंगे। अस्पताल में भ्रष्टाचार के इस मामले ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह आवश्यक है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस मामले की गहन जांच करे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।

Swatantra Harda

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