हरदा पुलिस को 24 घंटे में बड़ी सफलता, झपटमारी के दो आरोपी गिरफ्तार, चार मोबाइल एवं पल्सर मोटरसाइकिल बरामद

शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। गुरुवार को कंट्रोल रूम में भी प्रेस कांफ्रेंस आयोजित का एडिशनल एसपी अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि शहर में सोमवार शाम को हुई लगातार झपटमारी की चार वारदातों का खुलासा हरदा पुलिस ने मात्र 24 घंटे में कर दिया। आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन एवं वारदात में प्रयुक्त एक बिना नंबर की काली पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
चार स्थानों पर मोबाइल झपटमारी
दिनांक 08/04/2026 की शाम करीब पौने सात बजे फरियादी अखिलेश कड़ोले एवं सुभान खान ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वे घर जाते समय मोबाइल पर बात कर रहे थे, तभी अज्ञात बाइक सवार युवकों ने उनके मोबाइल छीन लिए इसी तरह इंडस्ट्रियल एरिया से लोकेश सूतार का वीवो मोबाइल, छीपानेर कलारी के सामने से अखिलेश कड़ोले का मोबाइल तथा बघेल हॉस्पिटल के पास से निकुंज पाटिल का एप्पल मोबाइल झपट लिया गया। कुल चार मोबाइल, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹1,12,000/- है, आरोपी ले उड़े। मामले में अपराध क्रमांक 217/26 एवं 218/26 धारा 304(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

सीसीटीवी और तकनीकी जांच से मिली सुराग
लगातार हुई वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी सालनी परस्ते के मार्गदर्शन तथा कोतवाली थाना प्रभारी के निर्देशन में दो विशेष टीमों का गठन किया गया।टीम ने घटनास्थलों के आसपास लगे 80 से 100 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की।
24 घंटे में दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने 09/04/2026 की रात घटनाओं में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के नाम मोहम्मद नदीम पिता नईम खान, उम्र 22 वर्ष, निवासी देव कॉलोनी, हरदा शेख मोहम्मद मुस्तफा पिता मुहम्मद तस्लीम, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम कोषद, सूरत (गुजरात) गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चारों मोबाइल फोन (कीमत लगभग ₹1,12,000/-) एवं एक बिना नंबर की काली पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई। इस सराहनीय कार्रवाई में एसआई सोहन सिंह, एएसआई जितेंद्र राजपूत, एएसआई संजय ठाकुर, हेड कांस्टेबल करण साहू, आरक्षक प्रदीप मालवीय, आरक्षक बीरेंद्र सिंह राजपूत, आरक्षक सजन राजपूत, आरक्षक कमलेश परिहार एवं आरक्षक शैलेन्द्र का विशेष योगदान रहा।



