हरदा में किसानों का हल्ला बोल: समर्थन मूल्य खरीदी, सिंचाई व मुआवजा सहित 8 सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस का कलेक्टर कार्यालय घेराव

शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। प्रदेश कांग्रेस के निर्देशानुसार गुरुवार को जिला कांग्रेस के नेतृत्व में किसानों को न्याय दिलाने के लिए हरदा में बड़ा आंदोलन किया गया। कृषि उपज मंडी में दोपहर 2 बजे बड़ी संख्या में किसान इकट्ठा हुए और लगभग तीन घंटे तक धरना देने के बाद पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं और किसानों ने गेट पर बैठकर भजन-कीर्तन के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

कंधे पर गेहूं–मक्का की बोरी लेकर पहुंचे विधायक
हरदा विधायक रामकिशोर दोगने और टिमरनी विधायक अभिजीत शाह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन साई ने कंधे पर गेहूं और मक्का की बोरी लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। किसानों की समस्याओं को सामने रखते हुए दोनों विधायकों ने सरकार पर तीखे आरोप लगाए। कलेक्टर कार्यालय परिसर में धारा 163 लगाए जाने पर विधायक अभिजीत शाह ने सवाल उठाया कि “जब मध्यप्रदेश में कहीं भी धारा नहीं लगाई गई, तो फिर हरदा में धारा 163 कैसे लागू हो गई? क्या किसान आतंकवादी हैं? वहीं विधायक दोगने ने आरोप लगाया कि फर्जी मंत्री हरदा में भूमि पूजन कार्यक्रम कर रहे हैं, जबकि वास्तविक जिम्मेदार पदाधिकारियों को दरकिनार किया जा रहा है।

किसानों की प्रमुख समस्याएं और सरकार पर निशाना
धरना स्थल पर किसानों की मुख्य समस्याएं फसल का उचित मूल्य, समर्थन मूल्य पर खरीदी में देरी, नहरों में पानी की कमी, बिजली बिल की वसूली, मुआवजा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहन साई ने समर्थन मूल्य पर खरीदी तुरंत शुरू करने की मांग उठाई। विधायक अभिजीत शाह ने कहा कि नहरों में पर्याप्त पानी न छोड़े जाने से किसान बुआई और सिंचाई को लेकर भारी संकट में हैं। हरदा विधायक रामकिशोर दोगने ने कहा कि PHE विभाग की इंजीनियर ज्योति महोबिया, के मामले में आरोपी के ऊपर 15 दिन बाद एफआईआर हुई, लेकिन आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।

राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, 8 प्रमुख मांगें रखी गईं
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने महामहिम राज्यपाल के नाम संयुक्त कलेक्टर सतीश राय को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि समर्थन मूल्य पर खरीदी 16 मार्च से शुरू होनी थी, लेकिन अब तक खरीदी शुरू न होने से किसानों को लगभग 50 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ है। किसानों के 4 लाख क्विंटल गेहूं, चना, मक्का और सरसों ओने-पोने दामों में बिक चुके हैं।
ज्ञापन में किसानों की 8 प्रमुख मांगें शामिल हैं।
1. गेहूं एवं मक्का की समर्थन मूल्य पर खरीदी तत्काल शुरू की जाए।
2. एक किसान पर 100 क्विंटल की खरीदी सीमा समाप्त कर पूरी उपज खरीदी जाए।
3. मूंग की फसल हेतु 50 दिन तक 2200 क्यूसेक पानी हरदा जिले में उपलब्ध कराया जाए।
4. समर्थन मूल्य भुगतान मिलने तक किसानों की बिजली वसूली रोकी जाए।
5. मंडी में बेची गई उपज पर समर्थन मूल्य व मंडी भाव के अंतर की राशि किसानों को दी जाए।
6. समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी के लिए पंजीयन तुरंत शुरू हों।
7. नरवाई जलाने के प्रकरण तत्काल वापस लिए जाएं।
8. जिला सहकारी बैंक की कर्ज वसूली की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 मई की जाए।
प्रदर्शन में हरदा विधायक रामकिशोर दोगने, टिमरनी विधायक अभिजीत शाह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन साई, पूर्व जिला अध्यक्ष ओम पटेल, लक्ष्मी नारायण पवार, हेमंत टाले, अरुण जायसवाल, गोविंद व्यास, अनिल कुमार लिबर्टी, संजय भायारे, सुरेंद्र बिश्नोई, अमीर पटेल, भूपेश बाबल, विनोद पटेल, गब्बू शर्मा, अनिल बिश्नोई सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।



