
शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण पवार ने दो वर्ष पूर्व हुए विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी व्यक्तिगत पीड़ा सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्त की है। पवार ने कहा कि वर्ष 2023 में 24-25 अक्टूबर को जिले के वरिष्ठजनों और युवा साथियों के आग्रह पर उन्होंने अपने गृह ग्राम जामली स्थित निवास पर हजारों लोगों को एकत्र कर परिवार में समझौते की दिशा में जो भी कहा गया, वही किया।
उन्होंने कहा मैंने तन-मन-धन से कांग्रेस और विधायक के लिए काम किया, लेकिन खेद इस बात का है कि जिनके लिए काम किया, वही मेरे विरोध में खड़े हो गए।” पवार ने यह भी कहा कि यदि उनके लिखने से किसी को ठेस पहुंची हो तो वे उसे अपना मानकर माफी मांगते हैं, यह उनकी व्यक्तिगत पीड़ा है। लक्ष्मी नारायण पवार ने बताया कि वे वर्ष 2013 से विधायक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते आ रहे हैं। तब भी उन पर राजेश पटेल के माध्यम से 50 लाख रुपए के आरोप लगाए गए थे, जिससे उनके परिवार की छवि धूमिल हुई थी। इसके बावजूद उन्होंने कांग्रेस और जनता के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी।
उन्होंने कहा कि मुझे जिला अध्यक्ष न बनाए जाने का कोई दुख नहीं है, और जो बने हैं मोहन साई उनसे भी कोई नाराजगी नहीं। हर व्यक्ति को मौका मिलना चाहिए।” लेकिन उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें दुख इस बात का है कि जिनके लिए उन्होंने चुनाव मैदान में दिन-रात मेहनत की, वही अब उनके विरोधी बन बैठे। पत्रकार के सवाल पर पवार ने कहा कि वे कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ सकते। मैं कांग्रेस का सच्चा सिपाही हूं। पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। कांग्रेस के आलाकमान और वरिष्ठ नेता मेरा सम्मान करते हैं,



