अंबिका और उसके पुत्र पंकज के सामने घुटनों पर जिला प्रशासन, 10 सालों से सरकारी जमीन का किराया भी सरकार से लिया जिस जमीन की रजिस्ट्री उसका नक्शा ही नहीं

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। छीपानेर रोड पर स्वास्थ विभाग द्वारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ केंद्र का संचालन अंबिका प्रसाद शर्मा की बिल्डिंग में किया जा रहा था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जब बिल्डिंग संबंधी दस्तावेजों की जानकारी निकाली गई तो पता चला कि इस बिल्डिंग का कोई भी नक्शा नहीं हैं। रजिस्ट्री के नाम पर एक भूखंड क्रय किया गया लेकिन कौन से क्रय किया गया हैं यह स्थिति भी स्पष्ट नहीं हैं। इसके बाद भी स्वास्थ विभाग द्वारा सभी नियमों को ताक में रखकर अनुबंध किया गया था। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ विभाग द्वारा बिल्डिंग से शहरी प्राथमिक स्वास्थ केंद्र को खाली कराया गया है, लेकिन अब सवाल यह उठता है, कि पिछले 10 सालों से सरकारी जमीन पर कब्जा कर सरकारी अस्पताल संचालन के लिये किराया लेने वाले अंबिका प्रसाद से रिकवरी होगी या नहीं। इस मामले में जिला प्रशासन के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
जिला प्रशासन ने घुटने टेके
भू माफिया अंबिका प्रसाद शर्मा और उसका पुत्र पंकज शर्मा द्वारा अवैध रुप से बिल्डिंग का निर्माण कार्य कर अस्पताल का संचालन करने का मामले सामने आने के बाद भी जिला प्रशासन ने अपने घुटने टेक दिये हैं। सुत्रों के मुताबिक राजनैतिक पहुंच और पकड़ के कारण जिला प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहा हैं।
भू माफिया कृष्ण मुरारी अग्रवाल का खेल
छीपानेर रोड पर श्रीनगर कॉलोनी का कॉलोनाईजर भू माफिया कृष्ण मुरारी अग्रवाल इस खेल का रचियता हैं। अग्रवाल ने 32 हजार स्कवेयर फुट सरकारी जमीन भी 33 लोगों को बेच दी हैं जिसमें यह अंबिका प्रसाद शर्मा भी शामिल हैं। अब देखना यह है, कि क्या शासन पिछले 10 सालों का किराया अंबिका प्रसाद से वसूल कर पाता है या नहीं।



