संदीप शर्मा को उनके भ्रष्टाचारित आचरण के कारण कलेक्टर ने निलंबित कर दिया।

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। शासकीय दस्तावेजों में हेराफेरी की और मामले को पीठासीन अधिकारी के संज्ञान में नहीं लाया। उन्हें 29 अप्रैल 2024 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब उन्होंने 30 अप्रैल को दिया, जो संतोषजनक नहीं था। इसके आधार पर, कलेक्टर आदित्य सिंह ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम-9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनका मुख्यालय सामान्य निर्वाचन कार्यालय हरदा में होगा। संदीप कुमार शर्मा को कलेक्टर आदित्य सिंह द्वारा निलंबित कर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने शासकीय दस्तावेजों में हेराफेरी की और मामले को पीठासीन अधिकारी के संज्ञान में नहीं लाया। यह उनके कर्तव्यों के खिलाफ था और इससे संबंधित नियमों का उल्लंघन हुआ। उन्होंने अपने कर्तव्यों को ठीक से निभाया नहीं और अधिकारियों के संज्ञान में मामले को नहीं लाया। उन्हें अभिलेखगार में नहीं, बल्कि अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए दस्तावेजों को जमा कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
शासकीय दस्तावेजों मे हेराफेरी और पीठासीन अधिकारी के संज्ञान मे मामले को ना लाकर खुद ही अभिलेखगार मे जमा करने वाले भ्रस्टाचारी बाबू संदीप कुमार शर्मा को कलेक्टर आदित्य सिंह ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। कलेक्टर आदित्य सिंह ने बताया की संदीप कुमार शर्मा, सहायक ग्रेड-3 तत्कालीन (प्रवाचक) अपर कलेक्टर हरदा द्वारा शासकीय दस्तावेजों मे हेराफेरी की गई साथ ही मामले को पीठासीन अधिकारी के संज्ञान मे लाये बिना ही अभिलेखगार मे जमा करवा दिया। उक्त मामले मे संदीप कुमार शर्मा सहायक ग्रेड 3 को 29 अप्रैल 2024 को एक कारण बताओ नॉटीस जारी किया गया था। जिसका जबाब उन्होंने 30 अप्रैल को दिया को संतोषजनक नहीं था। जिस पर कलेक्टर आदित्य सिंह ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम-9 के तहत संदीप कुमार शर्मा सहायक ग्रेड 3 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन की अवधि मे शर्मा का मुख्यालय सामान्य निर्वाचन कार्यालय हरदा रहेगा।



