डॉ. मीनाक्षी पटेल तत्काल प्रभाव से निलंबित, गर्भवती महिलाओं से रुपए लेने और कर्तव्यहीनता के गंभीर आरोप

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। जिला चिकित्सालय हरदा में पदस्थ महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीनाक्षी पटेल को गंभीर अनुशासनहीनता और कदाचरण के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला कलेक्टर द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन एवं पूर्व में जारी पत्रों के अवलोकन के बाद यह कार्रवाई की गई। डॉ. मीनाक्षी पटेल पर आरोप है कि उन्होंने निःशुल्क प्रसव सेवाओं के बावजूद प्रत्येक सिजेरियन ऑपरेशन के लिए मरीजों से 8000 रुपये तक की वसूली की। इसके अतिरिक्त, उनके विरुद्ध ड्यूटी समय में निजी क्लीनिक संचालित करने की भी शिकायतें निरंतर मिलती रहीं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी हरदा द्वारा समय-समय पर उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए थे। मामला तब और गंभीर हो गया जब थाना सिराली के एक प्रकरण में पाक्सो एक्ट की पीड़िता को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉ. मीनाक्षी पटेल ने न केवल पीड़िता का मेडिकल करने से इंकार किया, बल्कि अस्पताल में तैनात पुलिस कर्मचारियों से भी अभद्रता की। इस घटना की सूचना थाना प्रभारी सिराली द्वारा दिनांक 10 जून को दी गई।इन सभी तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर हरदा द्वारा डॉ. मीनाक्षी पटेल के विरुद्ध म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर जिला हरदा नियत किया गया है और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।




