एक चूक और… अफसरों पर गिर सकती है गाज?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हरदा दौरे से पहले प्रशासन अलर्ट, सड़कों से लेकर जिला अस्पताल और वृद्धाश्रम तक तैयारियां तेज

शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शुक्रवार, 9 अक्टूबर को हरदा जिले के प्रवास पर रहेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12:35 बजे हेलीकॉप्टर से हरदा पहुंचेंगे और देर शाम 4:10 बजे भोपाल के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। वहीं मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में किसी तरह की चूक न हो, इसे लेकर अधिकारियों और विभागों में खासा दबाव नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले शहर में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम तेजी से चल रहा है। छीपानेर मार्ग पर पैचवर्क कराया गया है, वहीं कलेक्टर कार्यालय के पास प्लॉटों में जमा पानी की निकासी के लिए नगर पालिका द्वारा काम किया जा रहा है। शहर की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर भी प्रशासन की नजर है।
जिला अस्पताल पर भी विशेष फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत जिला चिकित्सालय का भ्रमण और निरीक्षण करेंगे। इसके चलते अस्पताल में व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सीएमएचओ डॉ. एचपी सिंह के निर्देश पर अस्पताल परिसर की व्यवस्थाओं, साफ-सफाई और मरीजों से जुड़ी सुविधाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री अस्पताल में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ अधिकारियों से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जानकारी ले सकते हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन के सामने किसी भी कमी को दूर करने की चुनौती है।
वृद्धाश्रम में बुजुर्गों से मिलेंगे सीएम
मुख्यमंत्री का वृद्धाश्रम निरीक्षण भी प्रस्तावित है। यहां मुख्यमंत्री बुजुर्गों से मुलाकात कर उनकी सुविधाओं और समस्याओं की जानकारी ले सकते हैं। वृद्धाश्रम में भी साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार तैयारियां टिमरनी एसडीएम शैलेन्द्र कुमार बड़ोनिया के नेतृत्व में चल रही हैं।
जिला पंचायत में कई कार्यक्रम….
मुख्यमंत्री जिला पंचायत हरदा में आयोजित उद्यमी संवाद, यशस्वी संवाद, अग्रणी कृषि संवाद और आमजन संवाद में शामिल होंगे। इसके साथ ही जिला स्तरीय समीक्षा बैठक और समाधान ऑनलाइन शिकायत निवारण कार्यक्रम भी प्रस्तावित है मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले विभागों को अपनी-अपनी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले जिस तरह शहर से लेकर सरकारी संस्थानों तक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है, उससे साफ है कि प्रशासन किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं चाहता। सड़क, जल निकासी, अस्पताल, वृद्धाश्रम और कार्यक्रम स्थल हर जगह व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। अब सवाल यही है कि मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान कहीं कोई बड़ी कमी या अव्यवस्था सामने आई तो इसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी की तय होगी? मुख्यमंत्री के दौरे में एक छोटी सी चूक भी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के लिए भारी पड़ सकती है।




