पेयजल समस्या के निराकरण के लिये अधिकारी प्रो-एक्टिव होकर कार्य करें कलेक्टर सिंह ने ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में पेयजल उपलब्धता की समीक्षा की

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। मीटिंग के दौरान कलेक्टर सिंह ने दिया निर्देश कहा अगले एक माह में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में पेयजल उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। कहीं से पेयजल संकट की शिकायत आने का इंतजार न करें बल्कि प्रो-एक्टिव होकर खुद समस्या ढूंढें और उसका तत्काल निराकरण करें। यह निर्देश कलेक्टर आदित्य सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के साथ आयोजित नगरीय एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में दिये। कलेक्टर सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, पेयजल समस्याओं के समाधान में अधिकारियों को प्रो-एक्टिव ढंग से काम करने का निर्देश दिया गया है। यह उनकी नेतृत्व में समस्याओं को स्थायी रूप से सुलझाने के लिए महत्वपूर्ण है।
कलेक्टर आदित्य सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, पेयजल की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रो-एक्टिव उपायों की आवश्यकता है। उन्होंने सभी क्षेत्रों के अधिकारियों को समीक्षा और निरीक्षण के लिए संवेदनशील बनाने का आदेश दिया है, ताकि समस्याओं का स्वीकार्य निराकरण किया जा सके। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में पेयजल समस्याओं के स्थानों को पहचानकर उन्हें विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अवैध कालोनियों में पेयजल की आपूर्ति के लिए टेंकर्स का इस्तेमाल करने का आदेश दिया है, साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर हेण्डपम्प और अन्य पेयजल स्रोतों को समय-समय पर रिपेयर करने के लिए भी निर्देश दिए हैं। सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और विकासखण्डों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पानी की टंकियों की नियमित सफाई कराएं ताकि दूषित पेयजल से होने वाली बीमारियों को रोका जा सके। उन्होंने इसके साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पशुओं के लिए भी पानी की टंकियों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है और इन टंकियों में नियमित रूप से पानी भरवाया जाए। इस कार्य में सामाजिक संस्थाओं की मदद ली जा सकती है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि टंकियों के आसपास गंदगी को दूर किया जाए ताकि पेयजल स्रोतों के पास गंदगी से बीमारियों का खतरा कम हो।



