21 दिसंबर के महा आंदोलन को लेकर करणी सेना की तैयारी पूरी, नेहरू स्टेडियम में होगा शांतिपूर्ण धरना
प्रशासन से एक दिन की अनुमति मिलने के बाद भूमि पूजन, 4 हजार वॉलिंटियर तैनात, सर्व समाज के समर्थन का दावा

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। शुक्रवार को राजपूत छात्रावास में करणी सेना द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें 21 दिसंबर को प्रस्तावित महा आंदोलन की रूपरेखा और व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में करणी सेना के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शैलेंद्र सिंह झाला (पूर्व संगठन मंत्री, करणी सेना परिवार हरदा) ने कहा कि यह आंदोलन किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय और प्रशासनिक सुधार के लिए है। उन्होंने बताया कि करणी सेना द्वारा 21 सूत्रीय मांगों को लेकर पूर्व में ही ज्ञापन सौंपा जा चुका है। राज्य स्तर की मांगों को कार्यक्रम स्थल पर संभागीय अधिकारी के माध्यम से पूरा किए जाने की अपेक्षा की जाएगी।उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि प्रशासन कोई अन्य कदम उठाने की सोचता है तो करणी सेना उसके लिए भी पूरी तरह तैयार है। आंदोलन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिस तरह की घटना पहले घटित हुई, वह भविष्य में किसी के साथ दोहराई न जाए। मांगें पूरी होते ही आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा। इधर जिला प्रशासन ने 21 दिसंबर को नेहरू स्टेडियम ग्राउंड में एक दिन के लिए आंदोलन की अनुमति प्रदान की है। अनुमति मिलने के बाद करणी सेना जिला अध्यक्ष सुनील राजपूत ने नेहरू स्टेडियम पहुंचकर विधिवत भूमि पूजन किया और आंदोलन की औपचारिक तैयारियों की शुरुआत की। करणी सेना का दावा है कि आंदोलन में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। संगठन ने बताया कि लगभग 4 हजार करणी सैनिक और वॉलिंटियर पूरी तरह तैयार हैं। बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने, भोजन और पार्किंग की व्यवस्था शहर में अलग-अलग स्थानों पर की गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि इस आंदोलन को सर्व समाज का पूरा समर्थन मिल रहा है। फिलहाल एक दिन की अनुमति दी गई है, लेकिन आगे की स्थिति को लेकर प्रशासन से संवाद जारी रहेगा। करणी सेना का कहना है कि जुलाई महीने से ही इस आंदोलन की तैयारी की जा रही है, इसलिए प्रशासन को गंभीरता से मांगों पर विचार करना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, कानून-व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने हरदा जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए बाहर से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया है।



