क्राइम

जिला जेल हरदा में अनधिकृत सामग्री फेंकने की घटना, मोबाइल सहित सामग्री बरामद

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर 

स्वतंत्र हरदा। जिला जेल हरदा के वार्ड नं. 03 के बगल की बाहरी दीवार के ऊपर से फेंकी गई अनधिकृत सामग्री की जांच की गई। यह घटना अपराह्न लगभग 1:50 बजे की है, जब जेल के वार्ड क्रमांक 05 के अंदर एक पॉलिथिन में फेंकी गई सामग्री मिली। प्रहरी ऋषभ बरडे और इंचार्ज मुख्य प्रहरी मनीष साध ने तत्परता से तलाशी ली और निम्नलिखित सामग्री बरामद की: 1. एक छोटा मोबाइल (बगैर सिम) 2. एक मोबाइल चार्जर 3. दो नग बीडी बंडल 4. चार नग तंबाकू पुडिया 5. दस नग कमला पसंद पाऊच जेल में अवैध गतिविधियों की चर्चा हाल ही में जोरों पर है। कल ही स्वतंत्र समय में प्रकाशित सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, जेल में सामग्री भेजे जाने की संभावनाएं सामने आई थीं। पूर्व में भी अवैध गतिविधियों के चलते कुछ सामग्री जप्त की गई थी। आज फिर मोबाइल फोन जैसी सामग्री जेल के अंदर मिली है, जिसकी शिकायत कोतवाली थाना में की गई है। जिला जेल हरदा में यह पहली बार नहीं है कि अवैध गतिविधियों का मामला सामने आया है। पूर्व में भी एक बड़ी घटना हो चुकी है, जब जेल में बंद एक कैदी ने डिप्टी जेलर पर हमला कर दिया था। इस हमले में डिप्टी जेलर को मामूली चोटें आई थीं, और उन्होंने इस मामले की शिकायत सिटी कोतवाली में की थी।

जेल में सुरक्षा की स्थिति गंभीर
जानकारी के अनुसार, जिला जेल में प्रहरियों की संख्या कम होने के कारण जेल प्रशासन को सुरक्षा के लिए कैदियों की मदद लेना पड़ती है। यहां पर प्रहरियों के 28 पद स्वीकृत हैं, जबकि पदस्थ महज 13 ही हैं। ऐसे में जेल प्रशासन के सामने यह एक गंभीर समस्या है कि जेल की सुरक्षा के लिए क्या किया जाए?
वर्तमान में, जेल में 3 प्रहरियों और 2 मुख्य प्रहरियों के पद खाली हैं। कैदियों की संख्या बढ़ने के साथ ही प्रहरियों की संख्या बढ़ाना भी आवश्यक हो गया है।
सवाल उठता है कि सुरक्षा के लिए जेल विभाग को स्वीकृत पदों के अनुसार प्रहरियों की नियुक्ति कब की जाएगी? जेल की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक लापरवाही की वजह से जेल में अवैध गतिविधियों और हमलों की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है।
जेल प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विधिवत जांच करने और अनधिकृत सामग्री फेंकने वालों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करने का निर्णय लिया है। यह स्पष्ट है कि जब तक जेल प्रशासन को पर्याप्त संसाधन और स्टाफ मुहैया नहीं कराए जाते, तब तक ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाना मुश्किल होगा।

Swatantra Harda

Related Articles

Back to top button