अवैध

अवैध उत्खनन खुलेआम जारी, खनिज विभाग उदासीन…

धड़ल्ले से अवैध खनन, नियम कायदों को ताक पर रखकर जमीन छ्लनी करने में लगे माफिया

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर 

स्वतंत्र हरदा: हरदा जिले के तहसील हंडिया के ग्राम बागरोल में मौसम कंट्रक्शन के संचालक द्वारा बिना किसी से परमिशन लिए कैलाश पिता मालू निवासी बागरोल की भूमि से 400 गाड़ी मुरूम निकालना गई। जबकि स्वामी भूमि कैलाश पिता मालू के पास भी खनिज विभाग द्वारा स्वामित्व व आधिपत्य की कृषि भूमि की परमिशन नहीं है। मुरूम खनन के लिए खनिज विभाग द्वारा नहीं दी गई परमिशन बिना परमिशन के ठेकेदार द्वारा कैलाश पिता मालू कि स्वामित्व की जमीन से 400 गाड़ी मुरूम की खुदाई माना कहने पर भी नहीं माना। जिला मुख्यालय से महज 20 किमी की दूरी पर खुलेआम मुरूम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। खनिज विभाग की कार्रवाई शून्य हो गई है।

खनिजों की हो रही अवैध उत्खनन और परिवहन कर माफिया शासन को लाखों के राजस्व का नुकसान..

खनिजों की हो रही अवैध उत्खनन और परिवहन कर माफिया शासन को लाखों के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहें हैं। सब कुछ जानकर भी जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंद कर बैठे हुए हैं। अधिकारियों की लापरवाही का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय से लगे तहसील हंडिया के ग्राम बागरोल में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे चल रहे अवैध उत्खनन को रोकने के लिए समय नहीं निकाल पर रहें हैं। लेकिन इस सड़क से होकर गुजरने वाले अधिकारियों को न तो शासन को रहे राजस्व नुकसान की चिंता है और ना ही पर्यावरण की है। मुरूम खनन चरम पर पहुंच चुका हैं। ठेकेदार के द्वारा नियम कायदों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। नियम कायदों की डिब्बी बनाकर अंधेर कोठरी में डाल दिया गया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ माह से लगातार अवैध गौण खनिज उत्खनन और परिवहन शासन-प्रशासन के नाक के नीचे तेजी से चल रहा है।जिसमें जहां मुरूम वाली जमीन दिखी की खोदना चालू बताया गया कि अब तक सैकड़ों ट्रीप मुरुम की शहर से होते हुए निर्माण कार्यों में पहुंचा दिया गया इसके बावजूद भी खनिज विभाग द्वारा किसी भी मोर यम के डंपर के ट्रिप को नहीं पड़ा इससे साफ जाहिर होता है कि खनिज विभाग के साट- घाट से यह कार्य चल रहा है। खनिज विभाग की मिलीभगत से अवैध कारोबार जमकर फल फूल रहा है।क्षेत्र में लगातार मुरूम खनन को लेकर शिकायतें आती रहती है मगर उसके बाद भी शासन प्रशासन द्वारा कार्रवाई न करना प्रश्न चिन्ह खड़ा करता हैं।

इनका कहना है:

इंस्पेक्टर को बोलकर जांच करवाएंगे। जांच करने के बाद जो तत्व सामने आएंगे उसके आधार पर की जाएगी कार्रवाई।

केपी कमलेश खनिज अधिकारी हरदा

Swatantra Harda

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