ट्रैफिक समस्या

हरदा का घंटाघरः ट्रैफिक व्यवस्था का संकट, प्रशासनिक प्रयास नाकाफी

स्थानीय प्रशासन की बार-बार की गई बैठकों और निर्देशों के बावजूद घंटाघर क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है, दुकानदारों द्वारा पार्किंग व्यवस्था की कमी और अस्थायी अतिक्रमण की समस्या से स्थिति और भी बिगड़ रही है।

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर 

हरदा: शहर के सबसे व्यस्तम क्षेत्र घंटाघर की ट्रैफिक व्यवस्था लंबे समय से बिगड़ी हुई है, और इसे सुधारने के प्रयासों में अभी तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। वर्षों से स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस समस्या को लेकर कई बैठकें की गईं, लेकिन सड़कों पर हालात जस के तस बने हुए हैं। घंटाघर क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक जाम से आमजन त्रस्त है। घंटाघर का इलाका ऐसा है जहां हर समय ट्रैफिक का दबाव रहता है। यहां तक कि कई अधिकारी और कलेक्टरों ने भी ट्रैफिक सुधार के लिए फैसले लिए, लेकिन उन पर अमल नहीं हो सका। यदि सही समय पर इन फैसलों को जमीन पर उतारा जाता, तो शायद आज यह समस्या नहीं होती। शहर के व्यापारियों द्वारा महंगी दुकानों का अधिग्रहण तो कर लिया गया, लेकिन अपने स्टाफ और ग्राहकों के लिए पार्किंग व्यवस्था नहीं की गई। इसका नतीजा यह हुआ कि सड़कें पार्किंग स्थल में बदल गईं और यातायात व्यवस्था चरमरा गई। दुकानदार अपनी गाड़ियों को दुकानों के सामने पार्क कर देते हैं, जिससे स्थिति और भी खराब हो जाती है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान की कार्रवाई होने पर व्यापारियों और जनता के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। पूर्व कलेक्टर ऋषि गर्ग और पूर्व एसपी मनीष अग्रवाल ने घंटाघर मार्केट का निरीक्षण किया था और स्थिति को सुधारने के निर्देश दिए थे।

वर्तमान कलेक्टर आदित्य सिंह ने हाल ही में एक बैठक में नगर पालिका के मुख्य अधिकारी कमलेश पाटीदार को ट्रैफिक और अतिक्रमण हटाओ अभियान के निर्देश दिए थे। हालांकि, अभी तक इन निर्देशों का कोई प्रभावी अमल नहीं हो सका है। नगर पालिका द्वारा दुकानों के बाहर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कुछ नोटिस जारी किए गए हैं और अस्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए कुछ कार्रवाई की गई है। लेकिन ये प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। ट्रैफिक पुलिस की कमी भी इस समस्या का एक बड़ा कारण है। धरना, जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान ट्रैफिक पुलिस की तैनाती हों जाती हैं,जबकि बाजार और चौक-चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण की ज्यादा जरूरत होती है। शहर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव और दुकानों के बाहर अतिक्रमण की समस्या को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान दे। दुकानदारों द्वारा अपने दुकानों के बाहर अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पार्किंग व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, ताकि घंटाघर क्षेत्र की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

Swatantra Harda
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