एटीएम बदलकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, हरदा पुलिस ने चार आरोपी किए गिरफ्तार, 10% के कमीशन पर चलता था साइबर ठगी का खेल,
हरदा मैं ठगी करना पड़ा भारी, हरियाणा से आरोपी को किया गिरफ्तार

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा पुलिस ने हरियाणा से ठगी गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लाखों की धोखाधड़ी का बड़ा जाल तोड़ा है। यह गिरोह 10% कमीशन के खेल के जरिए अब तक लाखों रुपये की ठगी कर चुका था। पुलिस के पास 15 लाख रुपये की ठगी का रिकॉर्ड दर्ज है, हालांकि असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। इस कार्रवाई में पुलिस ने अब तक 2,24,998 रुपये बरामद किए हैं, जबकि 1,20,000 रुपये एटीएम से निकाले गए थे, जिन्हें ट्रैक करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने पीड़ित लाइनमैन को न्याय दिलाते हुए आरोपियों पर शिकंजा कस दिया है।
हरदा। जिले में पुलिस अधीक्षक अभिनव चौकसे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.डी. प्रजापति एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अर्चना शर्मा के नेतृत्व में साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पुलिस अधीक्षक चौकसे ने बताया कि यह गिरोह फर्जी पीओएस मशीन बनाकर और एटीएम कार्ड बदलकर खातों से पैसे निकालने का काम करता था। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें हरियाणा, जबलपुर और सीहोर के लोग शामिल हैं।
यहां है पूरा मामला….!
हरदा एमपीईबी में लाइनमैन के पद पर कार्यरत सुमेर सिंह, निवासी शिवपुर (जिला नर्मदापुरम), 17 जनवरी 2025 को प्रताप टॉकीज स्थित एसबीआई एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे। इस दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उनकी मदद करने के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदल लिया और पिन देख लिया। जब सुमेर सिंह ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उनके खाते से पैसे नहीं निकले। बाद में बैंक जाकर जानकारी लेने पर पता चला कि उनके खाते से 3,44,998 रुपये निकाले जा चुके हैं। इसमें से 2,24,998 रुपये फर्जी पीओएस मशीन के माध्यम से और 1,20,000 रुपये एटीएम से निकाले गए। इसके बाद मामले की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कर और पुलिस ने जांच शुरू की
फिर हुई पुलिस की जांच शुरू
पुलिस ने जांच में एसबीआई मेन ब्रांच के एटीएम फुटेज खंगाले, जिनमें दो संदिग्ध आरोपी दिखे। जांच आगे बढ़ाने पर पता चला कि पीओएस आईडी (PR589125) के जरिए पैसे निकाले गए थे, जो रवि कैथवास (निवासी बुधनी, जिला सीहोर) के एसबीआई बैंक खाते से जुड़ी थी। पूछताछ में रवि कैथवास ने बताया कि निहाल निगम (निवासी बुधनी) इस खाते को मोबाइल ऐप के जरिए ऑपरेट करता था। और आरोपियों ने 17 से 19 जनवरी 2025 के बीच ठगी की राशि अनिल (निवासी हांसी, हरियाणा) के खाते में ट्रांसफर की, जिसने 20% कमीशन में से 10% खुद रखा और 10% अपने दोस्त को दे दिया। इस फर्जीवाड़े के लिए संदेश शर्मा (निवासी जबलपुर) और आयुष केसरवानी (निवासी जबलपुर) ने फर्जी फर्म दिखाकर पीओएस मशीन तैयार करवाई थी। पुलिस ने मामले में धारा 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के तहत आरोपियों पर मामला दर्ज किया है। जांच में पता चला कि अनिल (हरियाणा) टेलीग्राम ऐप के माध्यम से निहाल से जुड़ा था। निहाल ने अपने भाई, पिता और दोस्तों के नाम पर फर्जी पीओएस मशीन बनवाई और उसे अनिल तक पहुंचाया। निहाल अपने मोबाइल से सभी खातों को ऑपरेट करता था डेबिट/क्रेडिट कार्ड से पैसे ट्रांसफर होते ही 20% कमीशन काट लिया जाता था। शेष रकम अनिल को ट्रांसफर कर दी जाती थी। अनिल हरियाणा में अन्य साइबर अपराधियों को पीओएस मशीन उपलब्ध कराता था, जो एटीएम धारकों को धोखे से कार्ड बदलने और पिन हासिल करने में माहिर थे। इन्हीं शातिर अपराधियों ने सुमेर सिंह का एटीएम कार्ड बदलकर उसके खाते से पैसे निकाल लिए।
हरदा पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
1. निहाल निगम (20 वर्ष) – निवासी बुधनी, जिला सीहोर 2. रवि कैथवास (24 वर्ष) – निवासी बुधनी, जिला सीहोर 3. संदेश शर्मा (44 वर्ष) – निवासी जबलपुर 4. अनिल पासी (28 वर्ष) – निवासी हांसी, जिला हिसार, हरियाणा
हरदा पुलिस की सराहनीय भूमिका
उक्त गिरोह को पकड़ने में सराहनीय भूमिका मे निरीक्षक प्रहलादसिंह मर्सकोले, उनि रिपुदमन सिंह राजपूत्, उनि आदित्य करदाते, उनि पुरुषोत्तम गौर, प्र.आर. 165 राकेश, प्र.आर. 217 करण प्र.आर. 259 कमलेश, प्र. आर. 221 शैलेंद्र, प्र.आर. नीरज साहू सायबर सेल हरदा, आर. 326 वीरेंद्र, आर. कमलेश परिहार, आर. लोकेश सातपुते, आर. मनोज दोहरे सायबर सेल हादा की रही।




