मध्यप्रदेश

MP में प्राइवेट अस्पतालों पर सरकार सख्त: रिसेप्शन पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य, CMHO को निगरानी के निर्देश

एमपी में अस्पतालों को जांच-ट्रीटमेंट की रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। अस्पतालों को दर में बदलाव करने से पहले सीएमएचओ को सूचित करना होगा।

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा.कॉम

स्वतंत्र हरदा। मध्यप्रदेश में अब प्राइवेट अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को अपनी जांच और उपचार की दरों की लिस्ट सार्वजनिक करनी होगी। राज्य सरकार ने मरीजों से अधिक शुल्क लेने की रोकथाम के लिए यह कदम उठाया है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि प्रत्येक जांच और उपचार के लिए कितनी फीस ली जाएगी। इसके अलावा, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी अस्पताल को अपनी दरों में बदलाव करना हो, तो उसे पहले मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को सूचित करना होगा।

मरीजों को रेट लिस्ट दिखाने से मना नहीं कर सकते अस्पताल

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त, तरुण राठी ने राज्य के सभी निजी अस्पतालों को आदेश दिए हैं कि वे अपनी चिकित्सकीय सेवाओं की दरों की सूची अस्पताल के काउंटर पर प्रदर्शित करें। इसके साथ ही, यदि मरीज या उनके परिवार वाले दर सूची की मांग करते हैं, तो अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी कि वह उन्हें वह सूची दिखाए।

एक्स्ट्रा चार्ज नहीं वसूल सकते अस्पताल

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त राठी ने 2 दिसंबर को जारी आदेश में कहा है कि यदि किसी अस्पताल को अपनी दर सूची में बदलाव करना है, तो उसे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, संशोधित दर सूची को अस्पताल में प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए। आयुक्त ने बताया कि यह निर्णय मरीजों के अधिकारों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाने के लिए लिया गया है। रेट लिस्ट के अलावा अतिरिक्त शुल्क लेना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। मनमाने शुल्क लेने की घटनाओं को रोकने के लिए आयुक्त ने सीएमएचओ को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

Swatantra Harda

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