बुजुर्ग ने एसडीएम को ऊंची आवाज में पीड़ा सुनाई तो घंटों थाने में भूखा-प्यासा बैठाया
दोपहर एक बजे तहसील कार्यालय परिसर से बजुर्ग को उठाकर ले जाते पुलिसकर्मी।

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
नीमच । न्याय की गुहार लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे 70 साल के बुजुर्ग को पीड़ा सुनाना महंगा पड़ गया। बार-बार कलेक्टोरेट के चक्कर लगाकर तंग आ चुके बुजुर्ग ने एसडीएम को ऊंची आवाज में पीड़ा सुनाई। इसके बाद 70 साल के किशोरदास बैरागी को कैंट थाने से 2 पुलिसकर्मी आए दोपहर करीब 1 बजे कलेक्टोरेट से ले गए। शाम 6 बजे तक भूखा-प्यासा थाने में बैठाकर रखा। बुजुर्ग किशोरदास ने बताया कि तत्कालीन एसडीएम ममता खेड़े ने उसकी जमीन का सीमांकन व बटांकन करने के आदेश दिए थे, लेकिन 6 माह से आदेश का पालन नहीं हो रहा था। 18 मार्च को किशोरदास जनसुनवाई में पहुंचा और ऊंची आवाज में एसडीएम संजीव साहू को पीड़ा सुनाई। इस वजह से एसडीएम ने बुजुर्ग को पुलिस के हवाले करवा दिया। बुजुर्ग ने बताया कि जनसुनवाई के लिए वह सुबह बिना खाने खाए 10 किमी पैदल चलकर पहुंचा था।



