मध्य प्रदेश में चना खरीदी पर केंद्र सरकार की नीति: MSP से अधिक मूल्य पर MAPP के बावजूद खरीद में शून्यता

- शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश में चने की खरीदी के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 5,440 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया था। बाजार भाव अधिक होने के कारण सरकारी बफर स्टॉक की पूर्ति के लिए एमएपीपी (न्यूनतम अधिप्राप्ति मूल्य) 5,900 रुपये प्रति क्विंटल की दर से चना खरीदने का आदेश जारी किया गया है। सरकार के इस आदेश से किसानों में उम्मीद जगी थी कि उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, इस सप्ताह के दौरान मध्य प्रदेश में सरकार द्वारा एक भी दाना चना नहीं खरीदा गया।

किसानों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार की नीतियों और आदेशों का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। किसानों का कहना है कि एमएसपी और एमएपीपी दोनों ही सरकार की तरफ से घोषित मूल्य हैं, लेकिन जब खरीदी ही नहीं हो रही तो इन मूल्यों का क्या लाभ एक स्थानीय किसान ने बताया, “हमने उम्मीद की थी कि सरकार हमारे चने को उचित मूल्य पर खरीदेगी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे हमें आर्थिक नुकसान हो रहा है और हमारी फसल बर्बाद हो रही है।”
किसानों की इस समस्या को देखते हुए कांग्रेस प्रवक्ता केदार सिहोरी ने सरकार पर निशाना साधा और कहा, “सरकार ने बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। अगर किसान की फसल नहीं खरीदी जाएगी, तो किसानों का क्या होगा।
किसानों ने प्रशासन और सरकार से अपील की है कि वे जल्द से जल्द इस मुद्दे का समाधान करें और चने की खरीदी शुरू करें, ताकि किसानों को राहत मिल सके।



