सरकारी जमीन पर पहले मकान बनाया और उसे ही सीएमएचओ कार्यालय को दे दिया किराये से

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। सरकारी जमीन पर पहले मकान बनाया और उसे ही सीएमएचओ कार्यालय को किराये पर दे दिया। इतना ही नहीं 9 सालों में करीब 20 लाख से अधिक का भुगतान भी सरकारी अस्पताल ने इस महाशय को कर दिया। हम बात कर रहे है छीपानेर रोड हरदा पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ केंद्र सरकारी अस्पताल की। जिस बिल्डिंग में यह अस्पताल संचालित होता है वह जाने माने पंडित अम्बिकाप्रसाद शर्मा जो छीपानेर रोड पर स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर की हैं। 2015 से अनुबंध अंबिका प्रसाद तिवारी के नाम पर होता था लेकिन वर्ष 2020 में किराये का अनुबंध पंकज जो कि अंबिका प्रसाद शर्मा का पुत्र है के साथ सीएमएचओ कार्यालय द्वारा किया गया।
अब मामला सीएमएचओ कार्यालय में हड़कंप मच गया हैं और अंबिका प्रसाद न रजिस्ट्री न नक्शा फिर भी भुगतान सीएमएचओ कार्यालय द्वारा छीपानेर रोड पर प्राथमिक स्वास्थ केंद्र के जिये जिस बिल्डिंग को किराये पर लिया हैं। उस बिल्डिंग की रजिस्ट्री के सिर्फ 2 कागज कार्यालय के पास है और नक्शा तो है ही नहीं। फिर क्या मजबूरी थी कि अंबिकाप्रसाद तिवारी को 20 हजार रुपये महीना सरकारी का दिया जा रहा हैं।
सरकारी जमीन को सरकार को ही किराये से दिया
खसरा नंबर 10/3 में स्थित यह मकान दरअसल सरकारी भूमि जो कि उघोग विभाग की हैं उस पर बना हैं। इसलिये इस मकान का नक्शा किसी के पास नहीं हैं। इसके बाद भी सीएमएचओ इस सरकारी जमीन को विगत 9 सालों से किराये पर लिये है और इन 9 सालों में 20 लाख से अधिक किराये का भुगतान कर दिया गया। आरटीआई में निकली जानकारी सीएमएचओ कार्यालय और अंबिकाप्रसाद तिवारी के बीच हुई सांठगांठ 9 सालों से चल रही थी। लेकिन आरटीआई से जब इसकी जानकारी निकाली गई तो पता चला कि सरकारी जमीन पर बने इस मकान को सरकार को ही किराये पर दे दिया और किराये की राशि निकाल ली।
इनका कहना है
देखता हूं मैं उसमें सही चीज बुलवाया हूं उसमे जो भी होगा वह आपको बता दूंगा।
हरेंद्र प्रताप सिंह सीएमएचओ हरदा



