
शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। जिले के विकासखंड हरदा की ग्राम पंचायत सामरधा के अंतर्गत ग्राम नहाड़िया में प्रस्तावित कचरा निपटान क्लस्टर (ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण केंद्र) के निर्माण के विरोध में बिश्नोई समाज ने सोमवार को कृषि आदर्श मंडी में एकत्र होकर कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे समाज के लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि यह प्लांट अन्यत्र नहीं स्थानांतरित किया गया, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का आरोप
आचार्य श्री गोवर्धनराम जी शिक्षा शास्त्री ने कहा कि इस प्लांट के लिए ग्राम नहाड़िया की पहाड़ी पर जमीन आरक्षित की गई है। यह स्थान हरदा और देवास जिले के 11 नगरीय निकायों के कचरे के निपटान के लिए प्रस्तावित है। प्लांट की ऊंचाई के कारण बारिश का पानी दूषित होकर आसपास के नलकूपों, नदियों और कायागांव तालाब तक पहुंच सकता है। कायागांव का तालाब, जो 120 एकड़ में फैला है, कई परिवारों की आजीविका का स्रोत है। यहां कमलकंद की खेती और मछली पालन होता है। अगर यह पानी प्रदूषित हुआ तो सैकड़ों परिवारों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी।
ग्राम पंचायतों किया विरोध, कहा नियमों का उल्लंघन
सामरधा, झाड़पा, और कायागांव ग्राम पंचायतों ने पहले ही इस प्लांट के विरोध में ग्रामसभा के प्रस्ताव पारित किए हैं। पंचायती राज अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत और ग्रामसभा की अनुमति के बिना ऐसे किसी भी प्लांट की स्थापना अवैध है। समाज ने प्रशासन से मांग की है कि प्लांट को निर्जन स्थान पर स्थापित किया जाए।
समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में बिश्नोई समाज ने राजस्थान के खेजड़ली में पर्यावरण की रक्षा के लिए 1730 में शहीद हुईं अमृता देवी बिश्नोई और 363 अन्य लोगों के बलिदान का जिक्र करते हुए कहा कि समाज पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। समाज ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी मांगों को नजरअंदाज करता है, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और राज्य सरकार की होगी।
नारेबाजी के करते हुए ज्ञापन सौंपा
कलेक्टर कार्यालय पहुंचने पर समाज के लोगों ने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से रखा। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद समाज ने चेताया कि समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए, करेंगे उग्र आंदोलन।





