दोपहर तक हरदा का बाजार खुला रहा, एसटी/एससी समाज के आग्रह पर व्यापारियों ने बाद में किया समर्थन
हरदा बंद को लेकर अपील बेअसर, व्यापारियों ने नहीं दिया साथ, आज पूरी तरह से खुला रहा शहर

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। अनुसूचित जाति और जनजाति (SC, ST) के अधिकारों की रक्षा और बाबा साहब अंबेडकर द्वारा दिए गए आरक्षण को बचाने के आंदोलन के समर्थन में व्यापारियों और सामाजिक बंधुओं से अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की गई थी। अपील में अनुरोध किया गया था कि सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक दुकानें बंद रखी जाएं और इस आंदोलन को मजबूती दी जाए।

हालांकि, यह अपील प्रभावहीन साबित हुई, क्योंकि हरदा के व्यापारियों ने इसका समर्थन नहीं किया और शहर की अधिकांश दुकानें और बाजार पूरी तरह से खुले रहे। व्यापारियों ने अपने व्यापारिक हितों को प्राथमिकता देते हुए सामान्य दिनों की तरह अपने कारोबार को जारी रखा। सामाजिक संगठनों द्वारा की गई अपील का असर शहर के व्यापारी समुदाय पर नहीं दिखाई दिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय स्तर पर समर्थन जुटाने में आंदोलनकारी संगठनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सामाजिक न्याय और आरक्षण के संरक्षण के लिए की गई इस अपील के बावजूद, हरदा में आज का दिन सामान्य रूप से व्यापारिक गतिविधियों से भरा रहा।

हरदा में अनुसूचित जाति और जनजाति (एसटी/एससी) के अधिकारों की रक्षा के लिए आज आयोजित बंद का असर सुबह से देखने को नहीं मिला। 12:00 बजे तक अधिकांश बाजार और दुकानें सामान्य रूप से खुली रहीं। इसी दौरान, एचडीएफसी समाज के लोगों ने जुलूस निकाला और व्यापारियों से अपनी दुकानें बंद करने का आग्रह किया।
sc ,st संगठन ने निकाला हरदा बंद करने के लिए जुलूस
जुलूस के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा, जिससे किसी भी प्रकार की जोर-जबरदस्ती को रोका जा सके।अनुसूचित जाति और जनजाति (SC, ST) समाज के नेताओं ने भी आग्रह किया कि व्यापारियों के साथ जबरदस्ती न की जाए और उन्हें स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद करने का निर्णय लेने दिया जाए। बाद में, एसटी/एससी समाज के आग्रह को स्वीकार करते हुए व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं, और एचडीएफसी की रैली आगे बढ़ी। इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासन की सक्रियता और समाज के नेताओं की संयमित अपील ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे माहौल शांतिपूर्ण बना रहा।



