हरदा मंडी में टीन सेटों पर कब्जा, व्यापारी पर होगी कार्रवाई मंडी सचिव बोले नोटिस जारी कर एक हफ्ते में लेंगे जवाब, भोपाल से आई मंडी बोर्ड सेक्रेटरी ने भी जताई सख्ती

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। कृषि उपज मंडी हरदा में शुक्रवार को भोपाल से आई मंडी बोर्ड सेक्रेटरी सविता झरिया ने निरीक्षण किया। निरीक्षण का कारण था हरदा मंडी का भाव प्रदेश की 50 शीर्ष मंडियों में सबसे कम पाया जाना। अधिकारियों ने जब पूछा कि हरदा में ही भाव इतना कम क्यों है? तो मंडी अधिकारियों का जवाब था फसल में नमी है।
किसानों का सवाल कल 4200, आज 3800… एक दिन में कितनी नमी आ गई?
किसानों ने खुलकर सवाल उठाया कि जब कल फसल 4200 रुपए क्विंटल में बिकी थी, तो आज वही 3800 में कैसे बिक गई। किसानों का आरोप है कि मंडी सचिव और व्यापारियों की मिलीभगत से भाव गिराए जा रहे हैं। व्यापारी “नमी” का बहाना बनाते हैं, पर किसान पूछते हैं क्या एक दिन में इतनी नमी बढ़ सकती है कि 400 रुपए प्रति क्विंटल का अंतर आ जाए। भोपाल से आए आदेश पर हुआ निरीक्षण, भावांतर योजना पर भी निगाहें सविता झरिया ने भावांतर योजना के तहत हो रही खरीदी की जांच की और सैंपल लिए। मंडी बोर्ड से यह आदेश था कि खरीदी की प्रक्रिया की पूरी समीक्षा की जाए। किसानों ने सवाल उठाया कि भावांतर योजना की गाइडलाइन अभी स्पष्ट नहीं है, फिर खरीदी कैसे हो रही है? मंडी सचिव हरेंद्र नारायण भलावी ने कहा खरीदी शासन के निर्देशानुसार की जा रही है, कोई अनियमितता नहीं है।
किसान से ₹6,900 की लूट, शिकायत के बाद लौटाए पैसे
गोंदागांव कला के किसान दीपक राजपूत से व्यापारी खनूजा ट्रेडर्स ने ₹6,900 कम दिए। किसान ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहन विश्नोई के साथ कलेक्टर से शिकायत की। शिकायत के बाद व्यापारी ने राशि लौटा दी। विश्नोई ने कहा अगर गलती होती तो व्यापारी खुद पैसे लौटाता, शिकायत के बाद लौटाना बताता है कि किसानों को लूटा जा रहा है।
टीन सेटों पर कब्जा, हर महीने 10 हजार में चलता खेल
मंडी में कुछ व्यापारियों द्वारा तीन-तीन सेटों पर कब्जा जमाए जाने की शिकायतें हैं। सूत्रों के अनुसार, व्यापारी हर महीने 10 हजार रुपए देकर कब्जे बनाए रखते हैं। पत्रकारों ने जब मंडी सचिव से पूछा कि अगर हर महीने कार्रवाई होती है तो कब्जे अब तक क्यों कायम हैं? तो सचिव ने कहा अब जिन व्यापारियों के पास टीन सेट हैं, उन्हें नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में जवाब नहीं देने पर कार्रवाई की जाएगी।
रात में मक्का खरीदी का खेल, दिन में नमी का बहाना
दिन में व्यापारी किसानों की मक्का यह कहकर नहीं खरीदते कि नमी ज्यादा है। लेकिन रात में वही व्यापारी कम भाव पर मक्का खरीदते देखे जाते हैं। जब मंडी सचिव से इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा मुझे इस बात की जानकारी नहीं है।



