निरीक्षण

मंत्री के आने पर चमक उठा जिला अस्पताल, बाकी दिनों में कचरे से पटता है परिसर!

राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने किया निरीक्षण, मरीजों से ली जानकारी, कर्मचारियों ने बताई वेतन की समस्या, मगर मंत्री के जाते ही लौट आया ‘पुराना हाल’

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा

हरदा। शनिवार को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने हरदा जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। मंत्री के पहुंचने से पहले ही अस्पताल प्रशासन ने साफ-सफाई से लेकर व्यवस्थाओं तक हर चीज़ को चमका दिया। मानो वर्षों की लापरवाही एक दिन में दूर कर दी गई हो। निरीक्षण के दौरान मंत्री पटेल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल की व्यवस्थाएं उस दिन “विशेष” नज़र आईं। सामान्य दिनों में जहां गंदगी, बदहाल व्यवस्था और शिकायतों का अंबार रहता है, वहीं मंत्री के आने पर हर वार्ड चमचमा उठा। बिस्तरों पर नई चादरें बिछाई गईं, सफाईकर्मी चौकन्ने दिखाई दिए, और स्टाफ भी अपनी जगह समय से मौजूद था। पत्रकारों ने मंत्री पटेल का ध्यान अस्पताल की पुरानी शिकायतों की ओर दिलाया। उन्होंने बताया कि डिलीवरी के नाम पर मरीजों से पैसे वसूले जाते हैं, जिसकी शिकायत पूर्व में भी की जा चुकी है। पत्रकारों ने यह भी कहा कि डॉ. प्रियंका शारदे द्वारा शिकायत करने वालों और पत्रकारों के खिलाफ थानों में शिकायतें दी जाती हैं और सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियाँ पोस्ट की जाती हैं। इस पर मंत्री पटेल ने गोलमोल जवाब देते हुए बात को टाल दिया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने महिला वार्ड और मेंटेनेंस रूम में जाकर वहां मौजूद मरीजों और महिलाओं से चर्चा की। इस समय डॉ. प्रियंका शारदे मंत्री के साथ मौजूद रहीं और अस्पताल की “सुधरी हुई तस्वीर” मंत्री को दिखाने में जुटी रहीं। इसके अलावा अस्पताल के कर्मचारियों ने मंत्री पटेल से वेतन संबंधी समस्याएं भी साझा कीं। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता, और जो मिलता है, वह भी बहुत कम है। कर्मचारियों ने मंत्री से कहा कि नियमित वेतन और उचित वेतनमान की व्यवस्था की जाए ताकि उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। मंत्री पटेल के साथ सीएमएचओ डॉ. एच.पी. सिंह, टिमरनी के पूर्व विधायक संजय शाह, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा और रितेश बादर भी मौजूद रहे। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति मंत्री के दौरे पर ही क्यों दिखी? मंत्री के निरीक्षण के समय शाम को सभी डॉक्टर मौजूद थे, जबकि अस्पताल का निर्धारित समय सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे और शाम 5 से 6 बजे तक का है। नियमित दिनों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति आम बात है, जिस पर किसी का ध्यान नहीं जाता। मंत्री पटेल का दौरा जैसे ही समाप्त हुआ, अस्पताल की वही पुरानी लापरवाह छवि फिर लौट आई। जनता अब पूछ रही है, क्या हर बार सुधार दिखाने के लिए किसी मंत्री के आने का इंतजार करना पड़ेगा?

मंत्री के आने के बाद पलंग पर बिछी साफ सुथरी चादर और सफाई व्यवस्था भी अच्छी रही,
मेटरनिटी वार्ड में डॉक्टर प्रियंका शारदे मंत्री को अपनी सफाई देती रही।
डॉक्टर प्रियंका शारदे बना रही थी मंत्री के निरीक्षण की वीडियो।
मंत्री पटेल ने लिया व्यवस्थाओं का जायदा, स्टाफ ने बताया अपना काम

Swatantra Harda

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