
शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
बुधवार दोपहर रहटगांव के ग्राम नजरपुरा में दर्दनाक हादसा उस वक्त हो गया जब एक मकान के पास अचानक 11 केवी बिजली का तार टूटकर नीचे खड़े युवक पर गिर गया। जोरदार आवाज के साथ गिरे तार ने मौके पर ही युवक को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही सेकंड में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई।ग्रामीणों के अनुसार मृतक दीपक पिता मोहन राठौर (उम्र 30 वर्ष), निवासी नजरपुरा, अपने घर के पास गाड़ी धो रहा था। तभी अचानक 11 केवी लाइन का तार टूटकर सीधे उसके ऊपर गिर गया। बिजली का तेज झटका लगने से दीपक ने अस्पताल ले जाने से पहले ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शव को पीएम के लिए टिमरनी अस्पताल भेजा गया।

मौत के बाद भी विद्युत विभाग का लापरवाह रवैया सामने आया
हादसे के बाद विद्युत विभाग की टीम मरम्मत के लिए मौके पर पहुँची, लेकिन मौके पर जो दृश्य सामने आया, उसने विभाग की गंभीर लापरवाही को एक बार फिर उजागर कर दिया। टीम के कर्मचारी बिना किसी सेफ्टी किट, सेफ्टी बेल्ट या हेलमेट के सीधे खंभे पर चढ़कर 11 केवी तार जोड़ने का काम करते दिखाई दिए। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब 11 केवी तार गिरने से एक युवक की मौत हो चुकी है, तब भी बिना सुरक्षा उपकरणों के खंभे पर चढ़कर काम करना क्या कर्मचारियों की जान को जोखिम में डालना नहीं है? क्या विभाग अपने कर्मचारियों को सेफ्टी किट उपलब्ध नहीं कराता?नियमों के अनुसार विद्युत विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट, ग्लव्स, इंसुलेटेड जूते, सेफ्टी रोप सहित सभी सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाने होते हैं। लेकिन नजरपुरा हादसे में न केवल लापरवाही के कारण एक युवक की जान गई, बल्कि बाद में भी वही लापरवाही जारी रही। ग्रामीणों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि 11 केवी लाइन का नियमित निरीक्षण और रखरखाव ठीक से किया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। अब ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, की मांग की है



