भ्रष्टाचार

बिना उपयंत्री के नगर परिषद टिमरनी में चल रहे है करोडों के निर्माण कार्य ठेकेदार कर रहे है घटिया निर्माण कार्य

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा

टिमरनी। नगर परिषद टिमरनी में शासकीय अनुदान एवं लोन की राशि से करोडों के निर्माण कार्य चल रहे है नगर परिषद में उक्त निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए कोई भी तकनीकी अधिकारी नहीं है ठेकेदार मनमाने तरीके से घटिया निर्माण करके परिषद को चूना लगा रहे है। एवं परिषद में बैठे जबाबदार जनप्रतिनिधि भी मौन है जिससे ऐसा प्रतित होता है की इसमें उनकी भी मिलीभगत है उक्त आरोप लगाते हुए नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने बताया की नगर परिषद टिमरनी में पदस्थ उपयंत्री का तबादला हो गया है उनके स्थान पर किसी की भी पदस्थापना नहीं हुई है। जब उपयत्री पदस्थ थे तो स्टेशन वस्ती मार्ग पर लगभग 1 करोड 90 लाख की लागत से बन रहे सीसी सड़क का कार्य ठेकेदार ने रोक रखा था जिससे कई दिनों से दुकानदार व्यापारी एवं आम नागरिक परेशानीयों का सामना कर रहे थे कई बार इस संबंध में ज्ञापन भी दिया गया ओर घटिया सड़क निर्माण कार्य को लेकर शिकायते भी की गई है। परंतु कार्य चालु नहीं किया गया ओर जैसे ही उपयत्री का तवादला हुआ ओर ठेकेदार ने अपना सडक निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया। श्री जायसवाल ने आरोप लगाया कि उक्त सडक निर्माण कार्य में निधारित माप दण्डों का पालन नहीं किया जा रहा है। चूकी तकनीकी रूप से देखरेख करने वाला कोई अधिकारी नहीं है। तो ठेकेदार मनमाने तरीके से घटिया निर्माण कार्य कर रहे है। उक्त सडक विगत आठ माह से बन रहीं है। जबकि ठेकेदार द्वारा टेण्डर के अनुसार यह सडक का निर्माण कार्य 3 माह मो पूर्ण करना था पूर्व में जो कार्य किया गया है। वह भी घटिया स्तर का किया गया है। नवीन सड़क पर जगह जगह लंबी दरारे आ गई है। कई जगह काक्रेट उखड़ गया है। परंतु जबाबदार मौन है ऐसा लगता है की नगर परिषद ने सिर्फ ठेकेदारों का राज चल रहा है। मनमाने तरीके से कार्य कर शासन की राशि का दुरूप्योग किया जा रहा है। करोडो के निर्माण कार्य बिना तकनीकी अधिकारी के चल रहे है। शहर के अन्य वार्डों में भी मनमाने तरीके से निर्माण कार्य चल रहे है। जिसको देखने वाला कोई नहीं है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने प्रशासन से मांग की है कि बिना सक्षम अधिकारी के चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जाँच की जावे तथा उपयंत्री कि पदस्थापना शीघ्र की जावे ताकी गुणवत्तता पूर्ण निर्माण कार्य हो सकें। जो निर्माण कार्य चल रहे है।उनकी उच्च स्तरीय जांच की जावें उसके बाद ही ठेकेदार का भुगतान किया जावे।

Swatantra Harda

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