कार्यवाही

3 साल 8 महीने बाद अनिल माणिक हत्याकांड के मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल गिरफ्तार, SIT ने ससुराल में दबिश देकर पकड़ा

शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा

हरदा। जिले के बहुचर्चित अनिल माणिक हत्याकांड में करीब साढ़े तीन साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल को आखिरकार हरदा पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने रविवार, 30 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए हंडिया थाना क्षेत्र के ग्राम रातातलाई में अपनी ससुराल में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही एसआईटी ने घेराबंदी कर दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के मुताबिक आरोपी को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद हरदा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था आरोपी

अनिल माणिक हत्याकांड के सामने आने के बाद से ही मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। इससे पहले भी पुलिस ने उसकी तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी थी। जनवरी 2023 में आरोपी को पकड़ने गई पुलिस टीम के साथ सिवनी मालवा क्षेत्र में विवाद और पुलिस वाहन को टक्कर मारने की घटना भी सामने आई थी। अब करीब साढ़े तीन साल बाद रविवार को गोपनीय सूचना के आधार पर गठित एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

क्या था पूरा अनिल माणिक हत्याकांड?

मामला दिसंबर 2022 का है। हंडिया थाना क्षेत्र के ग्राम चिराखान निवासी 32 वर्षीय अनिल माणिक डंपर चालक था और आरोपी धर्मेंद्र पटेल का डंपर चलाता था। घटना से करीब एक माह पहले अनिल ने धर्मेंद्र के यहां काम छोड़ दिया था। पुलिस जांच के अनुसार धर्मेंद्र पटेल के डंपर की बैटरी चोरी हो गई थी। बैटरी चोरी का शक अनिल माणिक पर जताया गया। आरोप है कि धर्मेंद्र ने अपने मैनेजर संदीप गुर्जर के माध्यम से अनिल को बुलवाया और उसे अपने घर ले जाया गया। वहां उसके साथ क्रिकेट के बल्ले से बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई।

हत्या को हादसा दिखाने की रची गई थी साजिश

हत्या के बाद मामले को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई। पुलिस की जांच में सामने आया कि शव को ऑटो के माध्यम से ले जाकर भुवनखेड़ी रोड पर सड़क किनारे फेंका गया। मृतक का मोबाइल और सिम भी नहर में फेंकने की बात जांच में सामने आई थी। इसके बाद डंपर को शव के पास से निकालकर घटना को सड़क दुर्घटना जैसा दिखाने का प्रयास किया गया। अगली सुबह सड़क पर खून से लथपथ शव मिलने के बाद शुरुआत में मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हुआ था। लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ने पर हत्या की परतें खुलती गईं। मोबाइल और कॉल डिटेल से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला

इस मामले में पुलिस ने धर्मेंद्र पटेल, संदीप गुर्जर और ऑटो चालक जाहिद खान के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। बाद की विवेचना में अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए। पुलिस ने उस समय संदीप गुर्जर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जबकि मुख्य आरोपी धर्मेंद्र पटेल और ऑटो चालक जाहिद फरार थे। वर्तमान में पुलिस प्रेस नोट के अनुसार प्रकरण थाना टिमरनी के अपराध क्रमांक 13/2023, धारा 302, 201, 120-बी भादवि तथा SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत दर्ज है।

पुलिस पर भी हुआ था हमला….

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पहले भी कई बार प्रयास किए। जनवरी 2023 में धर्मेंद्र पटेल के सिवनी मालवा क्षेत्र के ग्राम गाडरिया में छिपे होने की सूचना पर टिमरनी और करताना पुलिस की संयुक्त टीम पहुंची थी। उस दौरान आरोपी के साथ मौजूद लोगों द्वारा पुलिस टीम के वाहन को टक्कर मारने की घटना सामने आई थी, जिसमें एक हेड कांस्टेबल को चोट आई थी। मामले में सरकारी कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था।

आखिरकार SIT के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी

रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए गोपनीय रूप से ग्राम रातातलाई, थाना हंडिया क्षेत्र में अपनी ससुराल में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि के बाद एसआईटी ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।।आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम का नेतृत्व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस टिमरनी आकांक्षा तलया ने किया। टीम में तीन निरीक्षक स्तर के अधिकारी, पांच उप निरीक्षक, चार सहायक उप निरीक्षक, आठ प्रधान आरक्षक और 15 आरक्षक सहित पुलिस बल शामिल था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर हरदा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस गिरफ्तारी के साथ ही लंबे समय से फरार चल रहे अनिल माणिक हत्याकांड के मुख्य आरोपी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पूरी हुई है। अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान हत्याकांड से जुड़े तथ्यों और आरोपों का परीक्षण न्यायालय में होगा।हेडिंग के लिए

Swatantra Harda

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