पहली कक्षा की छात्रा को हाथ ऊपर कराकर खड़ा रखने का आरोप, पिता ने थाने में की शिकायत
स्कूल प्रबंधन पर सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखाने का आरोप, पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी; छात्रा को मेडिकल के लिए भेजा

शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। श्री बालाजी पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ने वाली बालिका छात्र को शिक्षिका द्वारा कथित तौर पर पनिशमेंट देने का मामला सामने आया है। छात्रा के पिता दीपक सारण ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को हाथ ऊपर कराकर काफी देर तक खड़ा रखा गया। पिता का कहना है कि बच्ची पिछले दो-तीन महीने से स्कूल में पनिशमेंट दिए जाने की शिकायत कर रही थी, लेकिन उन्होंने इसे स्कूल में दी जाने वाली सामान्य सजा समझकर नजरअंदाज कर दिया। सोमवार को बच्ची के घर लौटने के बाद उसकी पीठ पर निशान दिखाई देने और बच्ची के रोने पर पिता स्कूल पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग, नहीं दिखाने का लगाया आरोप
छात्रा के पिता दीपक सारण ने स्कूल प्रबंधन से घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की। उनका कहना है कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन से दो से तीन घंटे तक अनुरोध किया कि बच्ची की चार-पांच घंटे की कक्षा की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग दिखाई जाए। यदि बच्ची गलत पाई जाती है या झूठ बोलती है तो वे भी उचित कार्रवाई के लिए तैयार हैं, लेकिन यदि शिक्षिका द्वारा पनिशमेंट दिया गया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पिता का आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखाए जाने के बाद उन्होंने डायल-100 को सूचना दी और कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि करीब 90 हजार रुपये सालाना फीस देने के बावजूद यदि बच्ची स्कूल में सुरक्षित महसूस नहीं करती है तो ऐसी स्थिति चिंताजनक है।
पुलिस ने दोनों पक्षों की सुनी बात…
मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने छात्रा के पिता और स्कूल प्रबंधन सहित दोनों पक्षों की बात सुनी। पुलिस द्वारा छात्रा को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच की जाएगी। थाने में मौजूदगी के दौरान छात्रा के व्यवहार को लेकर भी चर्चा हुई। छात्रा ने वहां “मैडम तो नहीं आएगी” जैसी बात कही। इससे मौके पर मौजूद लोगों को ऐसा लगा कि बच्ची शिक्षिका को लेकर भयभीत है। हालांकि, बच्ची के डर की वास्तविक वजह क्या है, यह जांच का विषय है और इसकी पुष्टि पुलिस जांच एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
प्रिंसिपल ने आरोपों से किया इनकार
वहीं श्री बालाजी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. सुनीता शेरावत ने छात्रा के साथ मारपीट या अनुचित व्यवहार के आरोपों से इनकार किया। उनका कहना है कि स्कूल की पॉलिसी किसी भी बच्चे के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चा स्कूल में रो देता है तो अभिभावकों को लगता है कि शिक्षक द्वारा बच्चे को मारा गया है, जबकि ऐसा नहीं होता। प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल में शिक्षक पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करते हैं और किसी भी बच्चे के साथ भेदभाव या मारपीट की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाती। स्कूल का पूरा फोकस बच्चों की शिक्षा और एकेडमिक गतिविधियों पर रहता है।
स्कूल स्टाफ भी पहुंचा कोतवाली, निष्पक्ष जांच की मांग
मामले के बाद श्री बालाजी पब्लिक स्कूल का स्टाफ भी कोतवाली थाने पहुंचा और पुलिस के सामने अपना पक्ष रखा। स्कूल स्टाफ ने पुलिस से मांग की कि पुलिस स्कूल परिसर में पहुंचकर सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों को देखे तथा मामले की निष्पक्ष जांच करे। अब इस पूरे मामले में छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट, स्कूल की सीसीटीवी फुटेज और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ेगी।



