डिलीवरी के बाद महिला की मौत, नेवावर घाट पर हंगामा, पिता बोले- सूचना नहीं दी, पति ने कहा- दो बार फोन किया था

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। मोरगाड़ी निवासी नेहा की डिलीवरी के बाद हालत बिगड़ने से शनिवार को खंडवा ले जाते समय मौत हो गई। रविवार सुबह ससुराल पक्ष उसे अंतिम संस्कार के लिए नेवावर घाट लेकर पहुंचा, तभी मौके पर पहुंचे पिता ने हंगामा कर दिया। उनका कहना है कि बेटी की मौत की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी गई। पिता ने शव को जिला अस्पताल हरदा लाकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने शव को मरचुरी में रखवाया।

नेहा के पिता शिवनारायण, निवासी जयमलपुरा (थाना छीपाबड़) ने बताया कि उन्हें मौत की सूचना पड़ोसी से मिली। उन्होंने कहा कि वे मौके पर पहुंचे तो ससुराल पक्ष अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा था। उनका आरोप है कि बेटी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और मामले की जांच होनी चाहिए। पिता ने बताया कि नेहा ने करीब 11 महीने पहले आकाश से प्रेम विवाह किया था और शादी के बाद से ही परिजन उनसे नाराज़ थे।

नेहा के पति आकाश ने बताया कि वे प्रीतमपुर में मजदूरी करते हैं। डिलीवरी नजदीक होने के कारण नेहा को नर्मदानगर में मौसी के घर रखा गया था। शनिवार को अचानक ब्लीडिंग शुरू हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया जहां नॉर्मल डिलीवरी हुई। नवजात बच्ची स्वस्थ है, लेकिन डिलीवरी के बाद नेहा की तबीयत लगातार बिगड़ती गई। डॉ ने उसे खंडवा रेफर किया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। आकाश का दावा है कि उन्होंने शनिवार रात और रविवार सुबह दो बार नेहा के पिता को फोन कर जानकारी दी थी, लेकिन उनकी ओर से उल्टा गाली-गलौज की गई। आकाश ने कहा कि इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास है।

नेहा ने इससे पहले 30 जनवरी 2025 को पुलिस अधीक्षक हरदा को आवेदन देकर बताया था कि उसने अपनी इच्छा से आकाश से विवाह किया है और परिजन उसकी शादी कहीं और कराने का दबाव बना रहे थे। आवेदन में नेहा ने यह भी लिखा था कि परिजन उस पर झूठे आरोप लगा सकते हैं और छीपाबड़ थाने जाने में उसे डर लगता है कि परिजन उसे नुकसान पहुँचा सकते हैं। इस घटना के बाद पिता की मांग पर पुलिस ने मामला जांच में लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



