धार्मिक

मकर संक्रांति पर तिल-गुड़, स्नान-दान, हल्दी-कुमकुम आदि का क्या महत्व है: अनिता दमाड़े

अखंड सौभाग्य की कामना के साथ लगाया कुमकुम

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर 

स्वतंत्र हरदा: मकर संक्रांति के दिन विवाहित महिलाएं आपस में एक-दूसरे को हल्दी कुमकुम का टीका लगाती है, तिल से बनी मिठाई खिलाती है और मेहमान महिलाओं को सुहाग की चीजें जैसे- बिछिया, पायजब, कंगन, कुंकुम, बिन्दी आदि उपहार में देती है। ‘तीळ गुळ घ्या, गोड़ गोड़ बोला’ कहकर सभी एक-दूसरे को शुभकामनाएं देती हैं।

हल्दी-कुमकुम : मकर संक्रांति पर्व के उपलक्ष्य में हो रहे आयोजन, महिला मंडलों ने बांटी सुहाग सामग्री मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में महिला मंडलों द्वारा हल्दी-कुमकुम कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के माध्यम से महिलाएं एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम लगाकर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। हल्दी कुमकुम एव मकर संक्रांति पर्व के उपलक्ष्य मे मिलन समारोह एस सी, सी टी, महिला जिलाध्यक्ष अनिता दमाड़े ने किया महिलाओ ने एक दूसरे को सुहाग सामग्री दी इसमें उपस्थित महिला रमा मनडलेकर, ममता मडलेकर, सावित्री चोरे, सारिका आसटे, प्रति लाजीवार, रिंकू वरबे, सुनीता मडवाल शशी दमाड़े शिल्पा प्रधान, दुर्गा, आदि महिलाओ ने भजन कीर्तन के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया।

Swatantra Harda

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