जनसुनवाई में किसानों का अनोखा प्रदर्शन: व्हीलचेयर पर सोयाबीन की बोरियां लेकर पहुंचे, नारे लगाए “या तो भाव दो या मार दो”

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। किसान लंबे समय से समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदी शुरू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर सोयाबीन उपार्जन का निर्णय तो लिया गया, परंतु समय पर प्रक्रिया न शुरू होने के कारण किसान अपनी उपज को मंडी में औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं। इसी आक्रोश को जाहिर करने के लिए किसानों ने जनसुनवाई में इस अनोखे ढंग से अपनी बात रखी। किसानों का कहना है कि सोयाबीन की फसल के लिए उन्होंने अपनी मेहनत और संसाधन झोंके, लेकिन उचित मूल्य नहीं मिलने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान नेता ने बताया कि प्रशासन ने 25 अक्टूबर से समर्थन मूल्य पर खरीदी का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक सोयाबीन की खरीदी शुरू नहीं हो पाई है। इस देरी के कारण किसान अपनी फसल मंडी में 1000 से 1500 रुपए कम भाव में बेचने पर मजबूर हैं। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने जनसुनवाई के दौरान “या तो भाव दो या मार दो” जैसे नारे लगाए, जिससे उनकी निराशा और गुस्सा साफ नजर आ रहा था। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों को समर्थन मूल्य पर सोयाबीन का उचित दाम दिया जाए, ताकि उनकी मेहनत का सही मोल मिल सके। किसानों ने कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आने वाले दिनों में और उग्र आंदोलन करेंगे। जनसुनवाई में अधिकारियों ने किसानों की बात सुनी और उन्हें जल्द ही समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन किसानों का कहना है कि इस बार वे केवल आश्वासन पर संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि ठोस कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं। जिले में किसानों ने प्रदर्शन प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि अगर उनकी मांगों का जल्द से जल्द समाधान नहीं हुआ, तो किसानों का आक्रोश और अधिक बढ़ सकता है।





