पॉलिटेक्निक कॉलेज में एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर छात्रों का हंगामा, एनएसयूआई ने की कार्रवाई की मांग

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के संगठन मंत्री और कार्यकर्ताओं द्वारा कॉलेज प्राचार्य से अभद्र व्यवहार करने की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर एनएसयूआई जिला अध्यक्ष योगेश चौहान ने कड़ी निंदा करते हुए इसे अत्यंत अशोभनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि एबीवीपी के संगठन मंत्री, जो जिले के निवासी नहीं हैं, द्वारा गुरु का अपमान करना बेहद दुखद और निंदनीय है। प्राचार्य को कमरे में बंद कर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया था। तीन घंटे की इस घटना को सिर्फ तीस सेकंड में दिखाकर स्थिति को गलत तरीके से पेश किया गया है।

महिला प्राचार्य से भी हो चुका है दुर्व्यवहार
योगेश चौहान ने आगे बताया कि यह पहली बार नहीं है जब संगठन मंत्री ने ऐसा व्यवहार किया है। इसके पहले भी शासकीय महाविद्यालय की महिला प्राचार्य के साथ अभद्रता की गई थी, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। चौहान ने कहा, विरोध प्रदर्शन का एक गरिमामय तरीका होता है, लेकिन इस संगठन मंत्री द्वारा बार-बार किया जा रहा ऐसा व्यवहार बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ऐसे लोगों को संरक्षण देना अनुचित है, जो शासकीय अधिकारियों को प्रताड़ित कर उन्हें उनके पद से हटाने या धमकी देने का प्रयास करते हैं।
छात्र-छात्राओं ने किया विरोध, एबीवीपी के संस्कारों पर सवाल
पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य सी. एस. चौहान और छात्रों से बातचीत के दौरान छात्र-छात्राओं ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं के इस व्यवहार का विरोध किया। एक छात्रा ने बताया कि जब वह अपने पिता के साथ कॉलेज आई थी, तो एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उनके पिता के साथ दुर्व्यवहार किया। छात्रा ने कहा, यह एबीवीपी के संस्कार हैं, जो सत्ता के नशे में मर्यादा भूल चुके हैं।
एबीवीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
महाविद्यालय में हुए इस घटनाक्रम के बाद छात्रों और एनएसयूआई ने एकजुट होकर प्राचार्य सी. एस. चौहान के समर्थन में खड़े हुए हैं और एबीवीपी के संगठन मंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण विश्नोई, सिद्धार्थ पटेल, सुमित ओंकार, नमन मालवीय, देवेंद्र चौरसिया, और कुलदीप सहित अन्य साथी मौजूद थे। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई नहीं होती, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।



