हरदा जिला चिकित्सालय की ओपीडी में प्रिंटर खराबी से मरीजों की परेशानी, बुजुर्ग और बच्चे भी प्रभावित
लंबी कतारों में मरीजों का इंतजार, सुपरवाइजर की लापरवाही पर कार्रवाई की मांग

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। जिला चिकित्सालय की ओपीडी में प्रिंटर खराबी के कारण मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं, और बच्चे, सभी लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर पर्ची बनने का इंतजार कर रहे हैं। ओपीडी में काम बेहद धीमी गति से चल रहा है, जैसे कि कछुए की चाल। यह स्थिति सुपरवाइजर रामनारायण चौरसिया की लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई है, जिन पर अब कार्रवाई की मांग की जा रही है।

दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीजों को हो रही परेशानी
हरदा जिला मुख्यालय में इलाज के लिए दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इन मरीजों का समय काफी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि डॉक्टरों का समय सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक ही निर्धारित रहता है। प्रिंटर के बार-बार खराब होने के कारण, पर्ची बनने में हो रही देरी से कई मरीज समय पर डॉक्टरों से परामर्श नहीं ले पा रहे हैं। डॉक्टर का समय समाप्त होने के बाद वे अपने निजी क्लीनिक चले जाते हैं, जिससे मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। खासकर, दूर-दराज से आए मरीजों को बिना इलाज वापस लौटना पड़ता है।

सुपरवाइजर की अनदेखी बनी समस्या का कारण
ओपीडी में प्रिंटर खराबी और सुपरवाइजर रामनारायण चौरसिया की लापरवाही की वजह से यह समस्या बार-बार उत्पन्न हो रही है। पिछली घटनाओं से सबक न लेते हुए, ओपीडी में अतिरिक्त प्रिंटर की व्यवस्था नहीं की गई है। यह समस्या हर बार चर्चा का विषय बनती है, लेकिन फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
मरीजों को मिलनी चाहिए उच्च स्तरीय सेवाएं
जिला चिकित्सालय के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलना चाहिए, जिसके लिए अधिकारियों को तुरंत हस्तक्षेप करना होगा। समय की बर्बादी और डॉक्टरों के निर्धारित समय के खत्म होने से मरीजों की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं। भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं से बचने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को उच्च स्तरीय सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें। इस समस्या को नजरअंदाज करने से ओपीडी की व्यवस्थाएं हमेशा सुर्खियों में बनी रहती हैं, जिससे मरीजों का विश्वास चिकित्सालय पर से उठने का खतरा बढ़ रहा है।



