भोपाल, सागर, ग्वालियर, नर्मदापुरम संभाग के 20 जिलों का हाल, जो क्लिनिक सील किए, वे 7 दिन में ही खुले, झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज से तीन महीने में 18 मौतें; ये सर्जरी से लेकर गर्भपात तक कर रहे

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। मुरैना / दतिया/रायसेन
प्रदेश में झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जान ले रहे हैं। पहले ये केवल सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की दवाएं देने तक सीमित थे, लेकिन अब वे शरीर के किसी भी अंग में गठान होने पर सर्जरी करने से भी नहीं डरते। कुछ डॉक्टर, जिनके पास होम्योपैथी की डिग्री है, वे एलोपैथी पद्धति से इलाज करते हुए गर्भपात भी करने लगे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के के अधिकारियों से मिलीभगत के कारण इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। पिछले तीन महीने में भोपाल, ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम संभाग के 20 जिलों में झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज से 18 मौतें हुई हैं। इन जिलों में 800 से अधिक झोलाछाप सक्रिय हैं। इनमें कार्रवाई का डर इसलिए नहीं है क्योंकि क्लिीनिक सील होने के बाद ये सप्ताह भर में फिर खुल जाते हैं। हाल ही में गुना में एक नाबालिग को गर्भवती बताकर गर्भपात की दवाएं दी गई, जिससे उसकी जान संकट में आ गई। मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन हकीकत यह है कि अब भी धड़ल्ले से झोलाछाप डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। मुरैना के अंबाह कस्बे में डॉ तृप्ति वर्मा का क्लीनिक है। डॉ वर्मा बीएचएमएस हैं। लेकिन उन्होंने खुद को स्त्री रोग विशेषज्ञ लिख रखा है और एलोपैथी पद्धति से इलाज करती हैं। गर्भपात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत के कारण इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। पिछले तीन महीने में भोपाल, ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम संभाग के 20 जिलों में झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज से 18 मौतें हुई हैं। इन जिलों में 800 से अधिक झोलाछाप सक्रिय हैं। इनमें कार्रवाई का डर इसलिए नहीं है क्योंकि क्लिीनिक सील होने के बाद ये सप्ताह भर में फिर खुल जाते हैं। हाल ही में गुना में एक नाबालिग को गर्भवती बताकर गर्भपात की दवाएं दी गई, जिससे उसकी जान संकट में आ गई। मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन हकीकत यह है कि अब भी धड़ल्ले से झोलाछाप डॉक्टर इलाज कर रहे हैं।
(डीएंडसी) करने से भी नहीं चूकती हैं, पत्रकारों की टीम ने जब उनसे साढ़े तीन महीने से ऊपर के गर्भपात कराने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि महिला को ले आना। देखकर सफाई कर देंगे। उन्होंने चेकअप करने के बाद कहा कि गर्भपात में 24 से 48 घंटे लगेंगे। खर्चा भी 12 से 14 हजार रुबता दिया। उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पर्चे पर अपनी सील लगाकर दी। बताया कि मुरैना शहर के एक सोनोग्राफी सेंटर पर जाना, वहां दो लड़के मिलेंगे, वो जांच करा देंगे। वहां उन्हें यह मत बताना कि गर्भपात के लिए सोनोग्राफी करवा रहे हैं। मुरैना के सीएमएचओ डॉ पदमेश उपाध्याय ने बताया कि होम्योपैथी डॉक्टर एलोपैथी पद्धति से इलाज नहीं कर सकता है।



