
शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। ग्राम पंचायत सुखरास के सरपंच और ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ श्रवण कुमार गुप्ता पर जातिसूचक टिप्पणी, अभद्र भाषा, और अधिकारियों के खिलाफ अनुचित बयानबाजी का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। जयस संगठन के नेतृत्व में सरपंचों और सचिवों ने प्रदर्शन करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की मुख्यमंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर शिवांगी बघेल, एसडीएम कुमार सानू देवरिया, और थाना प्रभारी संतोष सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा। और सरपंच सचिव संघ ने एसडीओ गुप्ता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि उनकी अशोभनीय भाषा और अनुचित व्यवहार ने सरपंच और ग्राम पंचायतों की छवि को धूमिल किया है।
वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप
प्रदर्शन का कारण एसडीओ श्रवण कुमार गुप्ता और सुखरास गांव के ग्रामीण अंकित चौधरी के बीच की बातचीत का वायरल ऑडियो है। पहले ऑडियो में गुप्ता ने सरपंच को लेकर कहा, “तुम्हारे गांव का सरपंच कोई काम नहीं करता है। हाथों में चूड़ियां पहन ले।” उन्होंने सरपंच के तीन साल के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए इस्तीफा देने की बात कही। दूसरे वायरल ऑडियो में गुप्ता ने जनपद पंचायत के सीईओ पर टिप्पणी करते हुए कहा, “तीन दिनों में मैं जनपद सीईओ को हटवा दूंगा। अधिकारी बनने के लिए एससीएसटी का सर्टिफिकेट तो ले लिया, लेकिन काम एक रुपए का भी नहीं करते।”
सुखरास के सरपंच अनिल पुनासे ने कहा, एक जिम्मेदार अधिकारी का इस तरह की भाषा का उपयोग करना अशोभनीय है। यह न केवल सरपंचों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि पंचायत व्यवस्था के प्रति असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है। सचिव जितेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि गुप्ता का व्यवहार पंचायत अधिकारियों के आत्मसम्मान पर आघात है।
जयस संगठन और प्रदर्शनकारी सरपंचों ने मांग की कि: 1. एसडीओ गुप्ता को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए। 2. उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि अगर तीन दिनों में एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो जिले की सभी ग्राम पंचायतें कार्य बंद कर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगी।




