हरदा में अतिक्रमण हटाने की नगर पालिका की मुहिम में भेदभाव, कार्रवाई पर उठे सवाल

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। शहर में नगर पालिका द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए जा रहे अभियान पर अब सवाल उठने लगे हैं। एक ओर जहां नगर पालिका अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे भी मामले सामने आ रहे हैं, जहां नगर पालिका ने पहले ही नोटिस जारी करने के बावजूद कार्रवाई नहीं की है। इसका उदाहरण वार्ड क्रमांक 24 में स्थित लाइब्रेरी के साइड में बने अतिक्रमण वाले टॉप को नहीं हटाना है, जिसे लेकर लोगों में नाराजगी है।
नगर पालिका पर भेदभाव का आरोप
नगर पालिका के इस अभियान पर भेदभाव के आरोप लग रहे हैं। एक ओर जहां छोटे दुकानदारों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जिन लोगों पर नोटिस जारी किए गए थे, उनके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। कई बार अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी किया गया है, लेकिन नगर पालिका उन पर कार्रवाई करने में ढिलाई बरत रही है। इस स्थिति को देखकर यह सवाल उठता है कि क्या नगर पालिका हरदा की कार्रवाई में दोहरे मानक अपनाए जा रहे हैं?
नगर पालिका की दोहरी नीति पर सवाल
नगर पालिका के इस दोहरे रवैये से शहरवासियों में निराशा का माहौल है। जहां एक तरफ नगर पालिका अतिक्रमण हटाने की मुहिम चला रही है, वहीं दूसरी तरफ वह ऐसे लोगों को संरक्षण दे रही है, जिन्होंने नगर पालिका के आदर्शों का पालन नहीं किया है। शहर को स्वस्थ और सुंदर बनाने के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी अतिक्रमणों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई की जाए। नगर पालिका को उन लोगों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने चाहिए, जिन पर पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं।



