प्रांतीय जन स्वास्थ्य रक्षक कल्याण संगठन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से ज्ञापन सौंपा; शासन ने फर्जी और झोला छाप कार्यवाही से पृथक रखने के आदेश जारी किए

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। 15 जुलाई 2024 को प्रांतीय जन स्वास्थ्य रक्षक कल्याण संगठन मध्यप्रदेश ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शासन ने आदेश क्रमांक विनियमन/2024/248 के माध्यम से जनस्वास्थ्य रक्षकों को फर्जी और झोला छाप कार्यवाही से पृथक रखने के आदेश जारी किए हैं। इसके तहत, जनस्वास्थ्य रक्षकों को आंगनबाड़ी सह ग्राम आरोग्य केन्द्रों पर स्वास्थ्य मित्र के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जनस्वास्थ्य रक्षक योजना के तहत 6 महीने का प्रशिक्षण प्रदान किया गया और प्रति माह 500 रुपये मानदेय के रूप में 3000 रुपये दिए गए। प्रशिक्षण के बाद राज्य स्तरीय परीक्षा ली गई और सफल रक्षकों का पंचायत सी.एम.एच.ओ. कार्यालय में पंजीकरण किया गया। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से प्रमाण पत्र प्राप्त करने में हो रही देरी को लेकर चिंता व्यक्त की और जनस्वास्थ्य रक्षकों को त्याग और जांच के दायरे से बाहर रखने की अपील की। साथ ही, ग्राम स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में इन रक्षकों की सक्रिय सहभागिता की भी मांग की गई है।



