स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी: अवैध मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई की आवश्यकता

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और नियमों की उल्लंघना के चलते शहर में कई मेडिकल स्टोर्स अवैध तरीके से चलाए जा रहे हैं। ये स्टोर्स न केवल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि मरीजों की सेहत से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन लेकर चलाए जा रहे इन स्टोर्स पर फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति एक गंभीर मुद्दा बन गया है। संविधान के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाएं सभी नागरिकों का मौलिक अधिकार हैं। इसके बावजूद, कई मेडिकल स्टोर्स पर ऐसे लोग दवाइयां दे रहे हैं जो न तो रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हैं और न ही उनके पास आवश्यक योग्यताएं हैं। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों के जीवन के साथ भी खेल है। सूत्रों के अनुसार, फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट किराए पर लेने का गोरखधंधा चल रहा है, जिसके तहत रजिस्टर्ड फार्मासिस्टों को हर महीने 5 से 8 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। ये लोग अपने रजिस्ट्रेशन का उपयोग करके लाइसेंस प्राप्त करते हैं, जबकि असली काम अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। यदि अवैध मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो मरीजों की सेहत को गंभीर खतरा होगा।



