सर्व आदिवासी महिला संगठन की बैठक में ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण, शिक्षा और नशामुक्ति पर हुई चर्चा
विश्व आदिवासी दिवस को लेकर बनाई गई रूपरेखा, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने पर सहमति

अखिलेश राठौर रिपोर्टर स्वतंत्र हरदा
हरदा। सर्व आदिवासी महिला संगठन की जिला स्तरीय बैठक रविवार को आयोजित की गई, जिसमें संगठन की महिलाओं ने सामाजिक सरोकारों पर गंभीर विचार-विमर्श किया। बैठक की शुरुआत ‘एक पौधा मां के नाम’ स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत एक फलदार पौधे का वृक्षारोपण कर की गई। बैठक में विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त) के कार्यक्रम को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। संगठन की महिलाओं ने निर्णय लिया कि इस अवसर पर समाज की अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ा जाएगा। इसके लिए विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार रखे गए। शिक्षित और जागरूक महिलाओं ने सुझाव दिया कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए समाज में नशामुक्ति का व्यापक संदेश फैलाना चाहिए।

महिलाओं ने संगठन को मजबूत करने के लिए सदस्य संख्या बढ़ाने की दिशा में संकल्प लिया। बैठक में उपस्थित प्रत्येक महिला ने कम से कम चार-चार महिलाओं को संगठन से जोड़ने का संकल्प लिया, जिससे संगठन की गतिविधियां गांव-गांव तक पहुंच सकें।बैठक में नए सदस्यों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही, जिनके विचारों से संगठन को नई दिशा और ऊर्जा मिली। प्रमुख रूप से बैठक में शिक्षिका कुसुम देवड़ा, जिला अध्यक्ष राखी कारोची, शकुन मस्कोले, रेखा मस्कोले, दिशा रामेती परते, जमुना भलावी, बेशाली धुर्वे, जमना करौची सहित वरिष्ठ सदस्यगण मौजूद रहीं।



