दारुल उलूम नूरी हरदा का 12वां सालाना जलसा 18 दिसंबर को, दस्तारबंदी व जश्ने हज़रत अबू बकर सिद्दीक रज़ियल्लाहु अन्हु का आयोजन
चार बच्चे हाफ़िज़-ए-कुरआन बनकर होंगे फ़ारिग, इंदौर से मौलाना मुफ़्ती अनवार अहमद क़ादरी देंगे ख़िताब

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। एहले सुन्नत वल जमाअत के मरकज़ी इदारे दारुल उलूम नूरी, खेड़ीपुरा हरदा द्वारा 12वां सालाना जलसा दस्तारबंदी व जश्ने हज़रत अबू बकर सिद्दीक रज़ियल्लाहु अन्हु बड़े ही अकीदत, शानो-शौकत और रूहानी माहौल में आयोजित किया जा रहा है। यह जलसा 18 दिसंबर 2025, गुरुवार को नमाज़-ए-इशा के बाद नूरी हॉल, दारुल उलूम नूरी खेड़ीपुरा हरदा में संपन्न होगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए दारुल उलूम नूरी के नाज़िम-ए-आला और ख़ादिम-ए-एहले सुन्नत सैयद नज़ाकत अली रिज़वी ने बताया कि जलसे की खास बात यह रहेगी कि इस मौके पर चार बच्चे हाफ़िज़-ए-कुरआन बनकर फ़ारिग होंगे, जिनकी दस्तारबंदी की जाएगी। यह पल न केवल उनके परिजनों बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और खुशी का विषय होगा। उन्होंने आगे बताया कि कार्यक्रम में मेहमान-ए-ख़ुसूसी के तौर पर मुरशिद-ए-आज़म मालवा, नमूना-ए-अस्लाफ, अता-ए-ख़्वाजा, अनवारे मिल्लत, ख़लीफ़ा-ए-हुज़ूर ताजुश्शरिया, पीर-ए-तरीक़त हज़रत अल्लामा व मौलाना मुफ़्ती अनवार अहमद क़ादरी (बानी जामिया गौसिया ग़रीब नवाज़, खजराना इंदौर) शिरकत फरमाएंगे और अहम दीन-ओ-इस्लाही मौज़ूआत पर ख़िताब फरमाएंगे। जलसे में ख़ुसूसी नातख़्वानी की खिदमत बुलबुल-ए-बाग़े-मदीना ज. मोहसिन रज़ा अशरफी साहब (इंदौर) अंजाम देंगे, जिससे महफ़िल में इश्क़-ए-रसूल ﷺ का रूहानी समां कायम होगा। सैयद नज़ाकत अली रिज़वी ने जिले भर के तमाम अहले इस्लाम से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा तादाद में शिरकत फरमाकर जलसे को कामयाब बनाएं और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।



