विधायक की पदयात्रा से पहले पूर्व मंत्री ने किया भूमिपूजन, 71 किमी सड़क होगी दुरुस्त
एक साल पहले हुई थी सड़क निर्माण की घोषणा, काम शुरू नहीं होने पर विधायक ने 27 सितंबर से निकाली पदयात्रा; उससे पहले पूर्व मंत्री ने किया भूमिपूजन

शाहरुख बाबा चीफ़ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे के बदहाल हिस्से को लेकर हरदा में सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने द्वारा सड़क की बदहाली के विरोध में 27 सितंबर से पदयात्रा निकालने की घोषणा के बाद शुक्रवार शाम पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने हरदा से आशापुर तक सड़क उन्नयन कार्य का भूमिपूजन कर दिया। करीब 12 करोड़ रुपए की लागत से 71 किलोमीटर सड़क के मरम्मत एवं उन्नयन कार्य की शुरुआत बताई गई है। भूमिपूजन कार्यक्रम हरदा-खंडवा मार्ग पर अजनाल नदी के पुल के पास समर्थकों की मौजूदगी में किया गया। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर लंबे समय से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में पदयात्रा से ठीक पहले हुए भूमिपूजन ने राजनीतिक चर्चाओं को भी तेज कर दिया है।
विधायक ने 27 सितंबर से पदयात्रा की घोषणा की थी
हरदा-खिरकिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने शुक्रवार को जारी प्रेस नोट में बताया कि खंडवा-नर्मदापुरम स्टेट हाईवे के पोखरनी से हरदा तक के बदहाल हिस्से को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने और सड़क समस्या के निराकरण की मांग को लेकर पदयात्रा निकाली जाएगी। पदयात्रा 27 सितंबर को सुबह 10 बजे छीपाबड़ के अंबेडकर चौक से शुरू होकर 28 सितंबर को हरदा कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पोखरनी से हरदा तक सड़क की खराब स्थिति के कारण आम नागरिकों, किसानों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।
एक साल से घोषणा के बाद काम शुरू होने का इंतजार
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले वर्ष छीपाबड़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस सड़क के निर्माण की घोषणा की थी। इसके बावजूद लंबे समय तक सड़क पर काम शुरू नहीं होने को लेकर सवाल उठते रहे। विधायक डॉ. दोगने ने भी मुख्यमंत्री को पत्र देकर सड़क निर्माण की मांग उठाई थी। अब विधायक की प्रस्तावित पदयात्रा से ठीक पहले सड़क उन्नयन कार्य का भूमिपूजन होने से राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी और निर्माण की घोषणा पहले ही हो चुकी थी, तो काम का भूमिपूजन पदयात्रा के ऐलान के बाद ही क्यों हुआ?
सड़क की समस्या पर राजनीति गरमाई
युवा कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह राजपूत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से पदयात्रा में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि सड़क का मुद्दा सीधे तौर पर जनता की सुविधा, सुरक्षा और आवागमन से जुड़ा है। वहीं, पूर्व मंत्री कमल पटेल द्वारा पदयात्रा शुरू होने से पहले किए गए भूमिपूजन के बाद अब सड़क को लेकर श्रेय की राजनीति भी चर्चा में आ गई है। हालांकि, क्षेत्र के लोगों के लिए अहम सवाल यही है कि भूमिपूजन के बाद सड़क का काम वास्तव में कब शुरू होता है और बदहाल मार्ग से उन्हें स्थायी राहत कब मिलती है।



