
शाहरुख बाबा चीफ एडिटर स्वतंत्र हरदा
हरदा। सिराली तहसील के ग्राम धुरगाड़ा निवासी उमेश सिंह राजपूत ने जनसुनवाई में प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी भूमि में हेरफेर कर धोखाधड़ी से रजिस्ट्री कर दी गई, जबकि मौके पर जमीन का अस्तित्व ही नहीं है। जांच में सामने आया कि खसरा नंबर 82/1, 82/8, 65/1, 65/3, 82/3, 82/4 और 66 से संबंधित भूमि की संरचना में गड़बड़ी पाई गई। बताया जा रहा है कि नदी कटाव के कारण मूल खसरा नंबर 82 का 1.753 हेक्टेयर रकबा बह गया, जिससे किसानों की जमीन मौके पर कम हो गई। लेकिन दस्तावेजों में बिना वास्तविक स्थिति को देखे रजिस्ट्री कर दी गई।
साढ़े चार एकड़ जमीन का हेरफेर, लाखों की ठगी
पीड़ित ने जनसुनवाई में बताया कि शैली पति राकेश भावसार ने उनसे साढ़े चार एकड़ जमीन के नाम पर पैसे लिए, लेकिन वास्तविक रूप से जमीन नहीं दी। इतना ही नहीं, जिस जमीन की रजिस्ट्री कराई गई, वह मौके पर न होकर दो किलोमीटर दूर किसी अन्य व्यक्ति के नाम पाई गई।



