अशासकीय विद्यालय कर्मचारियों का सत्यापन 3 दिन में पूरा करें: जिला परियोजना समन्वयक

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर, स्कूलों में कार्यरत समस्त अशासकीय स्टाफ का चरित्र एवं पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके स्कूल में कार्यरत सभी स्टाफ का पुलिस सत्यापन किया गया हो। इसमें न केवल शिक्षक, खेल शिक्षक, केयर टेकर, और कम्प्यूटर आपरेटर जैसे शैक्षणिक स्टाफ शामिल हैं, बल्कि गार्ड, सफाई कर्मी, माली, बस ड्राइवर, कंडक्टर, क्लीनर, और विद्युत कर्मी जैसे गैर शैक्षणिक स्टाफ भी शामिल हैं। यदि किसी भी स्टाफ का पुलिस सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, तो इसे 3 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए शिक्षा अधिकारी डी एस रघुवंशी ने कहा कि, “बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और यह कदम उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। सभी विद्यालयों को तत्काल प्रभाव से यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका स्टाफ पूरी तरह से सत्यापित हो। साथ ही जिला परियोजना समन्वयक बलवंत पटेल ने बताया कि किसी भी ऐसे व्यक्ति को विद्यालय के कार्यों में शामिल नहीं किया जाएगा, जिसका चारित्रिक रिकॉर्ड ठीक नहीं है या जिसका कोई अपराधिक इतिहास रहा हो। “सभी विद्यालयों से तीन दिनों के भीतर बीआरसीसी कार्यालय में प्रमाण पत्र जमा करने को कहा गया है ताकि किसी प्रकार की लापरवाही न हो,” उन्होंने कहा यह कदम हाल की निंदनीय घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।



