ग्रामीणों का आरोप: तवा नहर परियोजना से वंचित, नई योजना का भी लाभ नहीं मिल रहा
नहर विभाग से पुनः सर्वे की मांग, शहीद इलापसिंह सिंचाई योजना में शामिल करने की अपील

शाहरुख बाबा चीफ एडिटर
स्वतंत्र हरदा। नहर विभाग से बांरगी, बांरगा, हिवाला, मांदला, बोंडगाँव और बमनगाँव के ग्रामवासियों ने अपनी असिंचित कृषि भूमि को शहीद इलापसिंह सिंचाई योजना के अंतर्गत जोड़ने की अपील की है। उनका कहना है कि वर्तमान में ये गाँव तवा नहर परियोजना के झांझरी माइनर के टेल क्षेत्र में आते हैं, जिसके कारण उन्हें सिंचाई के लिए कभी भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
ग्रामीणों ने बताया कि वे विगत 12 वर्षों से नहर के पानी से वंचित हैं, और उन्हें बोरिंग कर जमीन से पानी निकालने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि नई शहीद इलापसिंह सिंचाई योजना के तहत उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी कृषि भूमि असिंचित रह जाती है। डॉ. विशाल बघेल ने इस बात पर चिंता जताई कि पिछले 12 वर्षों से किसानों को तवा नहर परियोजना का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि शहीद इलाव सिंह सिंचाई योजना, जो हाल ही में लागू की गई है, का भी इन ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल रहा है। डॉ. बघेल ने जोर देकर कहा कि इन ग्रामीणों को न तो तवा नहर योजना का फायदा मिल रहा है, और न ही नई योजना का। उनका कहना है कि इस समस्या का समाधान न होने के कारण किसान पानी की कमी से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी कृषि प्रभावित हो रही है।
जनहित में उठाई गई मांग, शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने इस मांग को गैर-राजनीतिक और व्यापक जनहित में बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर सात दिनों के भीतर कोई कार्यवाही नहीं होती है, तो वे शांति पूर्वक अपने हक के लिए रास्ता रोको आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। ग्रामीणों की मांग है कि तवा नहर योजना से हटाकर उन्हें शहीद इलापसिंह सिंचाई योजना के तहत शामिल किया जाए, ताकि वे 100% सिंचित हो सकें। उनका कहना है कि वर्तमान में न तो उन्हें तवा नहर योजना का लाभ मिल रहा है और न ही शहीद इलापसिंह सिंचाई योजना का। ग्रामीणों ने इस मामले में नहर विभाग से तुरंत सर्वे कराकर उचित कार्यवाही की मांग की है।



